चर्नी रोड और मरीन लाइन पर भी रुकेगी एसी लोकल व्यापारियों की मांग पर रेलवे देगी ध्यान
कालबादेवी, जवेरी बाजार में काम करने वाले व्यापारी
वर्ग के लिए खुशखबरी है। पश्चिम रेलवे के नए टाइमटेबल में एसी लोकल को मुंबई सेंट्रल
से चर्चगेट के बीच पड़ाव देने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे के सूत्रों ने अनुसार,
मरीन लाइंस और चर्नी रोड पर इस ट्रेन को पड़ाव देने के लिए कई बार मांग की गई थी। इसे
देखते हुए नए टाइमटेबल में इस प्रस्ताव को शामिल करने की पूरी संभावना है।
मंगलवार
को एसआरयूसीसी की बैठक के दौरान हिंदुस्तान चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से शामिल हुए सदस्य
विनोद लोढ़ा ने बताया कि वातानुकूलित लोकल को चर्नी रोड और मरीन लाइन पर पड़ाव देने
का प्रस्ताव पिछली मीटिंग में भी रखा गया था, लेकिन इस मीटिंग में अधिकारियों ने इस
प्रस्ताव को नए टाइमटेबल में शामिल करने की बात कही है। सोमवार से शुक्रवार तक चलने
वाली इस वातानुकूलित लोकल की प्रतिदिन 12 सेवाएं चलती हैं। इनमें औसतन प्रति ट्रिप
1300 यात्री सवारी करते हैं, जबकि व्यस्त समय में औसतन 1600 यात्री होते हैं। एक सामान्य
लोकल में व्यस्त समय में इससे दुगुनी संख्या में यात्री होते हैं।
एक अधिकारी
ने बताया कि सामान्य लोकल की अपेक्षा एसी लोकल का ठहराव ज्यादा होता है। इसके दरवाजे
खुलने और बंद होने में समय लगता है। इसलिए व्यस्ततम समय में अतिरिक्त पड़ाव देने पर
अन्य ट्रेनों पर असर पड़ सकता है। मुंबई की पहली वातानुकूलित लोकल पिछले साल दिसंबर
2017 में चलाई गई थी। यह चर्चगेट से विरार के बीच फास्ट कॉरिडोर पर चलती है। मुंबई
सेंट्रल से चर्चगेट के बीच इसका कोई पड़ाव नहीं होने की वजह से अपेक्षाकृत यात्री नहीं
मिल रहे हैं। रेलवे कार्यकर्ता शैलेष गोयल के अनुसार, ‘भाईंदर और विरार से चलने वाले
काफी यात्री एसी लोकल का इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि चर्चगेट से लौटकर मरीन लाइंस
या चर्नीरोड आने का झंझट रहता है। यदि इसे इन दोनों स्टेशनों पर पड़ाव दिया जाए, तो
निश्चित तौर पर यात्रियों को उचित लाभ मिलेगा’
लंबे समय
से एसी लोकल को मुंबई सेंट्रल से चर्चगेट के बीच में पड़ाव देने की मांग हो रही थी।
उम्मीद है इस प्रस्ताव को एक नवंबर से नए टाइमटेबल में जोड़ा जाएगा। व्यापारी वर्ग
की मांग
विनोद लोढ़ा
ने बताया कि कालबादेवी, भुलेश्वर और जवेरी बाजार इलाकों में बहुत बड़ा व्यापारी वर्ग
भाईंदर और विरार से आता है। वातानुकूलित लोकल का मरीन लाइंस या चर्नी रोड स्टेशन पर
पड़ाव नहीं होने की वजह से यह वर्ग पूरी तरह से वंचित है। यदि इस ट्रेन को मुंबई सेंट्रल
के बाद स्लो कॉरिडोर पर चलाया जाए, तो हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा और ट्रेन भी
खचाखच भरी नजर आएगी। बैठक में हुई इस मांग के बाद मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस
विषय पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पड़ाव देने से एक
ही चिंता है कि कहीं ट्रेनों के शेड्यूल पर विपरीत असर न पड़े। एक वरिष्ठ अधिकारी ने
बताया कि एसी लोकल में अभी काफी कम लोग ही यात्रा कर रहे हैं। यदि इसे लोकप्रिय करना
है, तो निश्चित तौर पर उपरोक्त मांग पर विचार करना पड़ेगा।
