जुर्म कबूले जाने के बावजूद लगातार बयान बदलकर पुलिस को उलझाने की कोशिश

मुंबई, खुद को कथित प्रगतिशील और आधुनिक विचारोंवाली युवती साबित करने की होड़ में अभिभावकों की चिंता की अनदेखी करके बेटियां लव, सेक्स और धोखा जैसे कथित प्यार के अंधे कुएं में गिर रही हैं। वर्तमान में ‘टेक्निकल’ रेप यानी प्यार, शादी का झांसा देकर जिस्मानी संबंध बनाने के बाद इनकार, प्रेम विवाह के मामलों में तलाक का बढ़ना और वसई की श्रद्धा वालकर की नृशंस हत्या जैसी सनसनीखेज घटनाएं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई की रहनेवाली श्रद्धा वालकर की हत्या का मामला इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध ‘जिहादी’ सोचवाले युवक पर विश्वास करने की कीमत श्रद्धा को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। आरोप है कि आफताब ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की गत १८ मई की शाम को कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
जीवन में नई रोशनी की चाह में श्रद्धा ने डेटिंग ऐप पर मिले ‘आफताब’ (जिसका अर्थ सूर्य भी होता है) नामक जिस दोस्त पर अपने माता-पिता से ज्यादा विश्वास किया, उसे अपना जीवनसाथी चुनने की भूल की। वह हवसी हैवान निकला। बेवफाई करने के बाद उसने बेरहमी से गला घोंटकर श्रद्धा को मौत के घाट उतार दिया। उस ‘कसाई’ ने दो दिनों तक मेहनत करके आरी से श्रद्धा के शव के टुकड़े किए। इस दौरान बीयर और गांजा पिया, ऑनलाइन खाना मंगाकर खाया, नेटाप्लिक्स पर फिल्म देखी और करीब २० हजार लीटर से अधिक पानी खर्च करके खून के निशान को साफ किया। उसने एक ३०० लीटर की क्षमतावाला फ्रीज खरीदकर श्रद्धा के शव के टुकड़ों को उसमें छिपा दिया। शव की सड़ांध से उठनेवाली बदबू को छिपाने के लिए वह सुगंधित अगरबत्ती जला रहा। पेशे से शैफ और फोटोग्राफर आफताब अमीन पूनावाला के बारे में बताया जा रहा है कि वह प्रतिदिन कुछ टुकड़े निकालकर उन्हें आसपास के वन क्षेत्र में पैदल ही ले जाकर फेंक आता था। शक से बचने के लिए वह रात करीब २ बजे पॉलीबैग में शव के टुकड़े रखकर घर से निकलता था। करीब २० दिन में उसने श्रद्धा के शव को ठिकाने लगा दिया लेकिन उससे पहले इस दौरान वह प्रâीज खोलकर प्रतिदिन श्रद्धा का चेहरा देखता था, इतना ही नहीं वह डेटिंग ऐप पर मिली नई महिला दोस्तों को घर भी लाता था, जिनमें कई के साथ जिस्मानी संबंध बनाने का दावा भी किया जा रहा है।
फिलहाल २८ वर्षीय आफताब को अपनी २७ वर्षीया लिव-इन-पार्टनर श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि इस मामले में आफताब द्वारा जुर्म कबूले जाने के बावजूद लगातार बयान बदलकर पुलिस को उलझाने की कोशिश करता रहा है। वैसे तो पुलिस को अब तक श्रद्धा का सिर व मोबाइल फोन आदि नहीं मिला है, इसके अलावा ऐसा कोई चश्मदीद भी मौजूद नहीं है, जिसने आफताब को कत्ल करते या फिर शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाते देखा हो। ऐसे में बहुचर्चित उर्वशी मर्डर केस की तरह इस केस में भी आफताब को दोषी सिद्ध कराने में पुलिस को नाकों चने चबाने पड़ सकते हैं। ठोस सबूत की चाह में पुलिस आफताब की निशानदेही पर मेहरौली के जंगल से बरामद किए गए अज्ञात शव के अवशेषों के डीएनए का श्रद्धा के पिता के डीएनए से मिलान तथा आफताब का नार्को टेस्ट करने जा रही है, जिसके बाद ही सच का खुलासा हो पाएगा।