मुंबई : यूनिवर्सिटी का 809 करोड़ का बजट

मुंबई : दो दिनों तक सीनेट सदस्यों के साथ चली बैठक के बाद आखिकार मुंबई यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार की रात को शैक्षणिक वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया. मुंबई विश्व विद्यालय ने 809.24 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 66.80 करोड़ रुपये के घाटे का बजट प्रस्तुत किया है. मुंबई विश्वविद्यालय के उपकुलपति सुहास पेंडणेकर की उपस्थिति में बजट पेश किया गया यह बजट कई मामलों में उल्लेखनीय है.

बजट में नई योजनाओं और विभिन्न विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है. इंफ्रास्टक्चर, डिजिटल लायब्रेरी, विद्यार्थियों के रहने के लिए हॉस्टल, विश्व विद्यालय की इमारत व परिसर का सौंदर्यीकरण आदि करने का निर्णय बजट में किया गया है. वर्ष 2020-21 में प्रशासन ने स्कूल ऑफ लैंग्वेज इमारत (दूसरा चरण), अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी हॉस्टल (दूसरा चरण) चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए निवास स्थान, नई ग्रंथालय, नया परीक्षा भवन, प्रो. बालआप्टे सभागृह, लड़कियों के लिए हॉस्टल, वर्कशाप इमारत की मरम्मत, आईटी पार्क इमारत आदि निर्माण कार्य को प्राथमिक स्तर पर किया जाएगा.

बजट में मूलभूत सुविधाओं पर अधिक जोर दिया गया है. यूनिवर्सिटी ने इस बार बजट में सिंधुदुर्ग, पालघर, रत्नागिरी और ठाणे उपकेंद्रों को सशक्त बनाने का मन बनाया है. इन उपकेंद्रों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 40 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है. दिव्यांग फ्रेंडली कैंपस बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने 22.50 करोड़ रुपए किया गया है. नए पाठ्यक्रम और उससे जुड़े उपक्रमों पर 10 करोड़ खर्च होंगे. बालासाहेब ठाकरे कला और सांस्कृतिक केंद्र पर 9 करोड़, डिजिटल लाइब्रेरी पर 5 करोड़ और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल बनाने पर 1 करोड़ रुपए खर्च करने की बात बजट में की गई है. सीनेट ने बजट को मंजूर कर लिया है.