राकांपा और कांग्रेस पार्टी के नेता आपस में एक-दूसरे के खिलाफ , पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल की बढ़ सकती है मुश्किले
मुंबई : राज्य में होने वाली आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जहां सत्ताधारी भाजपा-शिवसेना चुनाव की तैयारी में तेजी से जुट गई है। वहीं विपक्षी दल राकांपा और कांग्रेस पार्टी के नेता आपस में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो रहे हैं। इसी के तहत राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के कट्टर समर्थक और अत्यंत विश्वासपात्र माने जाने वाले माणिकराव शिंदे ने वैजापुर विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से इच्छा जताई है। शिंदे की वैजापुर विधानसभा चुनाव लड़ने की चल रही चर्चा से भुजबल की मुसीबतें बढ़ती दिखाई पड़ रही है। इसपर छगन भुजबल ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी कहीं से चुनाव लड़ सकता है। बात अगर वैजापुर विधानसभा क्षेत्र की है तो पार्टी किसे उम्मीदवार बनाएगी, इसका निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेता करेंगे। भुजबल ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता जिस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का आदेश देंगे, वहां से चुनाव लडूंगा। बता दें कि नाशिक जिले के वैजापुर विधानसभा क्षेत्र से भुजबल लगातार तीन बार चुनाव जीतकर आ रहे है। भुजबल के कट्टर समर्थक और करीबी कहे जाने वाले माणिकराव शिंदे ने 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी से उम्मीदवारी मांगकर भुजबल की मुश्किलें बढ़ा दी है, जिसको लेकर पार्टी के भीतर चर्चा शुरू हो गई है कि तीन बार से लगातार चुनाव लड़ने और जीतने वाले भुजबल को पार्टी टिकट देंगी या उनके करीबी माने जाने वाले शिंदे को इस बार पार्टी उम्मीदवार बनाएगी। दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन घोटले में कई महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए छगन भुजबल अपने मतदान क्षेत्र में जाकर आगामी चुनाव की तैयारी में जुट गए है। इसी के तहत भुजबल ने कार्यकर्ताओं से मिलना शुरू कर दिया है। वहीं विपक्षी दल राकांपा और कांग्रेस पार्टी के नेता आपस में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
