कछुए की चाल, जनता बेहाल, बीएमसी वॉर्ड कार्यालय में लोग अपने रोजमर्रा के काम के लिए धक्के खा रहे
मुंबई : बीएमसी वॉर्ड कार्यालय में लोग अपने रोजमर्रा के काम के लिए धक्के खा रहे हैं। वॉर्ड ऑफिस में छोटे-छोटे काम भी नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारी सैप सिस्टम की धीमी गति को जिम्मेदार बता रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग अपनी ओर से सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है। इस बीच, वॉर्ड में जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, अनधिकृत बांधकाम के खिलाफ नोटिस इत्यादि का काम भी नहीं हो पा रहा है। रख-रखाव के भी तमाम काम इससे प्रभावित हो रहे हैं। भाजपा नगरसेवक संदीप पटेल ने बीएमसी सभागृह में इस संदर्भ में आवाज भी उठाई थी।
पूरा सिस्टम है स्लो
एक अधिकारी ने बताया कि सिस्टम के धीमी गति से चलने के कारण छोटे-छोटे काम के लिए भी हमें लोगों को दूसरी बार बुलाना पड़ता है। सिस्टम को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कुछ सुनता ही नहीं। हमें तो हर दिन लोगों को जवाब देना भारी पड़ता है। आईटी विभाग को इस साल के बजट में 122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, बावजूद इसके व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है।
क्या है मामला
बीएमसी का अधिकतर कामकाज सैप आधारित सिस्टम पर चलता है। इसका सीधा कनेक्शन वर्ली स्थित बीएमसी के डेटा सेंटर से है। इसीलिए, सिस्टम की गति धीमी पड़ते ही रोजमर्रा के भी काम प्रभावित हो सकते हैं। केवल पानी बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, बिल्डिंग परमिशन के काम दूसरे सॉफ्टवेयर के माध्यम से होते हैं, जिनकी समस्याएं अलग हैं। आईटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सिस्टम में कोई दिक्कत नहीं है। लोकल स्तर पर कोई समस्या हो सकती है। लेकिन पूरा काम ठीक चल रहा है। हम लगातार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं।
