30 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत
मुंबई: मुंबई उच्च न्यायालय ने 33 साल की एक महिला के 30 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत दे दी है, क्योंकि भ्रूण के मेडिकल परीक्षण में मस्तिष्क और स्पाइनल कोर्ड के असामान्य होने का पता चला था। न्यायाधीश अभय ओक और न्यायाधीश ए.एस. गडकरी ने महिला के अनुरोध को मंजूर करते हुए नासिक के एक प्राइवेट क्लिनिक में गर्भपात कराने की मंजूरी दे दी।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इसी अदालत के निर्देश पर सरकारी जेजे अस्पताल ने मां और भ्रूण का परीक्षण करके गर्भपात कराने की सिफारिश की थी। इस पर सरकार ने कहा था कि कानून के अनुसार गर्भपात प्राइवेट क्लिनिक में नहीं, सरकारी अस्पताल में ही होना चाहिए। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि नासिक के क्लिनिक के डॉक्टर महिला की केस हिस्ट्री को जानते हैं, इसलिए वहीं गर्भपात कराना ठीक होगा। अदालत ने यह बात मान ली।
