१५ हजार पुरानी और जर्जर इमारतों के लाखों निवासियों को राहत
मुंबई, मुंबई में उपकर (सेस) प्राप्त करीब १५ हजार पुरानी और जर्जर इमारतों के लाखों निवासियों का क्रंदन आखिरकार राष्ट्रपति के कानों तक पहुंच गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास अधिनियम में सुधार के विधेयक को मंजूरी दे दी है। इससे इन इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। इससे म्हाडा के लिए विभिन्न कारणों से रुकी परियोनाओं को नए कानून के अनुसार कब्जे में लेकर पूरा करना अब संभव हो गया। इसलिए ऐसी प्रलंबित परियोजनाओं में प्रभावित लाखों निवासियों को राहत मिली है।
बता दें कि मुंबई शहर में करीब १५ हजार उपकर प्राप्त इमारतें मौजूद हैं, जो कि वर्षों पुरानी होने के कारण जर्जर हो चुकी हैं। हजारों निवासी मजबूरी में ऐसी इमारतों में रह रहे हैं। कई इमारतों का पुनर्विकास किसी न किसी कारण से रुका हुआ है। शिवसेना कई वर्षों से इनके शीघ्र पुनर्वसन के लिए संघर्ष कर रही है।
महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास अधिनियम संशोधन विधेयक ८ सितंबर, २०२० को सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण यह दो साल से अधिक समय तक विचाराधीन रहा। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी ने लाखों मुंबईकरों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति से जल्द से जल्द इस पर हस्ताक्षर करने के लिए आंदोलन भी किया था। पार्टी नेता सांसद अरविंद सावंत और विधायक अजय चौधरी के नेतृत्व में उपकर भवनों के हजारों निवासियों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट एक्ट अमेंडमेंट बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने से म्हाडा उन उपकर भवनों को अपने कब्जे में लेकर उनका पुनर्विकास कर सकेगी। यदि मनपा ने किसी उपकर प्राप्त भवन को खतरनाक घोषित कर दिया है तो उस इमारत के पुनर्वास का मौका पहले उसके मालिक को दिया जाएगा। उसे अगले छह महीने के भीतर पुनर्विकास का प्रस्ताव पेश करना होगा। यदि मालिक इसे जमा नहीं करता है तो दूसरा मौका किरायेदारों द्वारा बनाई गई हाउसिंग सोसायटी को दिया जाएगा। यदि वे भी छह महीने के भीतर पुनर्विकास प्रस्ताव प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं तो म्हाडा संबंधित भवन को अपने कब्जे में ले सकती है और उसका पुनर्विकास कर सकती है।
