पूर्व राज्यमंत्री कड़ू और विधायक रवि राणा के बीच आरोप-प्रत्यारोप...
मुंबई: विधायक रवि राणा और पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कड़ू के बीच का विवाद चरम पर पहुंच गया और सरकार में से बाहर निकलने का दबाव कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चू कड़ू पर बनाया जा रहा है, यह स्पष्ट हो गया है। `मेरे कार्यकर्ताओं की भावना अतिशय तीव्र है।’ तोड़-फोड़ कर सरकार से बाहर निकलो ऐसा वे कह रहे हैं, ऐसा खुलासा स्वत: बच्चू कड़ू ने कल किया।
`बच्चू कड़ू तोड़पानी करनेवाला विधायक है। `खोखे’ लेकर ही वह शिंदे गुट के साथ गुवाहाटी गया था’ ऐसा आरोप रवि राणा द्वारा लगाए जाने से तहलका मच गया था। उसके बाद पिछले ४ दिनों से कड़ू और राणा के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू है। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कड़ू और राणा दोनों `मिंधे’ सरकार में समर्थक विधायक हैं और सत्ताधारी विधायकों के बीच `खोखों’ के विवाद के कारण मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मजाक बन रहा है। `खोखे’ सरकार इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रही है ताकि और बदनामी से बचा जा सके, लेकिन ऐसा लग रहा है कि कड़ू और उनके कार्यकर्ता पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। कड़ू ने कल एक बार फिर इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट किया। कड़ू ने फिर राणा पर निशाना साधा।
रवि राणा ने मुझ पर बहुत ही निंदनीय आरोप लगाए हैं। उनके प्रति मेरे कार्यकर्ताओं में तीव्र आक्रोश है। मेरे कार्यकर्ता चाहते हैं कि मैं तोड़-फोड़ कर सरकार से बाहर निकल जाऊं। ऐसे में रवि राणा के साथ पैचअप का तो सवाल ही नहीं उठता। मैं इस बहस पर मुख्यमंत्री की बात सुनूंगा लेकिन मुझे उनसे कोई उम्मीद नहीं है। राणा ने जो मेरी बदनामी की है उसकी भरपाई कैसे करेंगे? इसका उत्तर मुझे चाहिए। ऐसी आक्रामक भूमिका कड़ू ने अख्तियार कर ली है।
मैंने १ नवंबर का अल्टीमेटम दिया है। अगर मैं संतुष्ट नहीं हुआ तो आगे का पैâसला लूंगा। इस अल्टीमेटम में कोई बदलाव नहीं होगा। मैंने जो कह दिया, वह कह दिया। बच्चू कड़ू ने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो मैं कार्यकर्ताओं से बात करूंगा और उनके कहे अनुसार कदम उठाऊंगा।
