मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना : मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती
मुंबई, मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने याचिका दायर कर मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मतलब बुलेट ट्रेन का मामला हाईकार्ट में पहुंच गया। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने इस कंपनी की विक्रोली स्थित करीब १० एकड़ जमीन अधिग्रहण करने का निर्णय लिया है।
बता दें कि पिछले दिनों उपजिलाधिकारी ने जमीन के लिए २६४ करोड़ रुपए के मुआवजे का आदेश जारी किया है। हालांकि वंâपनी जमीन अधिग्रहण के एवज में राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे २६४ करोड़ रुपए की मुआवजा राशि लेने से इनकार कर रही है। इस याचिका पर कल सुनवाई होनेवाली है। याचिका में दावा किया गया है कि सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण की सारी प्रक्रिया साल २०२० में खत्म हो गई है इसलिए जमीन के मुआवजे को लेकर १५ सितंबर २०२२ को जारी किया गया आदेश अपने आप मान्य नहीं है।
न्यायमूर्ति नीतिन जामदार व न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की खंडपीठ ने १८ अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई रखी है। इस दौरान खंडपीठ ने वंâपनी को अपनी याचिका में जरूरी संशोधन करने की भी इजाजत दी है। याचिका में मांग की गई है कि सरकार की ओर से शुरू जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण को लेकर जारी आदेश को लागू करने की दिशा में उठाए गए कदम पर प्रतिबंध लगाया जाए। याचिका में दावा किया गया है कि उप जिलाधिकारी की ओर से नियमों के तहत आदेश जारी नहीं किया गया है। इसलिए सरकारी अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण की दिशा में कदम उठाने से रोका जाए।
