हज-उमराह कराने के नाम पर हो रही है ठगी - ख़ास रिपोर्ट !

"सस्ता रोए बार  बार महंगा  भला  एक  बार।"

मुंबई : खबर की मुख्य लाइन पढ़ के चौकिएगा नहीं  क्यूंकि खबर अभी पूरी बाकी है..

 "ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़", राष्ट्रीय हिंदी साप्तहिक समाचार पत्र, आज अपने पाठको को एक ऐसी सच्चाई से अवगत करवाने जा रहा है, जिसे सुन आपके भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे। जी हाँ, आज हम आप को इस खबर के माध्यम से बताने जा रहे है की किस तरह कुछ असामाजिक लोग थोड़े से पैसे की खातिर लोगो की भावनाओ के साथ खेलते है।

 भारत देश के अलग अलग राज्यों में मुस्लिम समुदाय के लोगो को हज-उमराह कराने के नाम पे लूटा जा रहा है। आप को बता दे की कुछ असामाजिक तत्व के लोग आलिशान कार्यालय खोल के लोगो को कम पैसे में उमराह कराने का लालच दे कर  उन की खून पसीने की कमाई लूट रहे है। ऐसे लोग अक्सर अपना निशाना कम पढ़े लिखे लोगों को बनाते रहे है। यह लोग इंटरनेशनल टूर्स ऍम ट्रेवल्स के नाम  पर लोगो को चूना लगा रहे है। यह लोग उमराह का टूर करवाएंगे वो भी सिर्फ  मात्र ३२००० हज़ार की राशि में जो की मुमकिन ही नहीं, जब की सऊदी एयरलाइन्स नामक विमान का वापसी का टिकट ही  लगभग २८००० हज़ार रूपये  की है और  बाकी का रहना खाना  सब जगह जाने के लिए बस का इंतज़ाम कहा से होगा???

"पैसा आज भरो, अगले साल उमराह के लिए ले जायेंगे ", ऐसा बोल के आम जनता को ठगा जारहा है। ये इंटरनशनल टूर्स ऍम ट्रेवल्स के लोग मुस्लिम समुदाय के लोगों का पैसा जमा कर, एक वर्ष बाद रफूचक्कर होजाते है। गरीब जनता लूट जाने के बाद ऐसे लोगों  को ढूँढ़ते रह जाते हैं। इस लिए इस खबर के माध्यम से हम हिन्दुस्तानी मुस्लिम समुदाय से अपील करते है, की अगर आप को कही ऐसे इंटरनेशनल  टूर्स एंड  ट्रेवल्स के बारे में जानकारी मिले, तो पहले उनका प्रमाणपत्र देख लें, क्या ये उसी राज्य का है, या कोई और राज्य का। सावधान रहे, सतर्क रहकर एक अच्छे नागरिक होने का फ़र्ज़ अदा करे। ऐसे फ़र्ज़ी हज-उमराह करवाने वाले इंटरनेशनल टूर्स एंड ट्रेवल्स की जानकारी नज़दीकी पुलिस स्टेशन को दें।

"ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़" राष्ट्रिय समाचारपत्र, भारत के प्रधान-मंत्री नरेंद्र मोदी जी से भी यह अनुरोध करता है की फौरन विदेश-मंत्री सुषमा  स्वराज जी को ऐसे फर्ज़ी हज-उमराह करवा ने वाले इंटरनेशनल टूर्स एंड ट्रेवल्स पर सख्त कानूनी कारवाई करे, ताकि ये लोग आम जनता को ठग ना सकें।

"शर्म आती है लब हिलाते हुएबेहीसी को शऊर कहते हैं।

मैं नमाज़ो को क्या कहूं नसरु,हज उमराह को टूर कहते हैं।"