मुंबई : स्टील और सीमेंट के बढ़े दामों से बिल्डर परेशान, महंगा हो सकता है आशियाने का सपना

मुंबई : मकान निर्माण के लिए सबसे ज्यादा जरूरी चीजें सीमेंट और स्टील के दामों में अचानक हुई वृद्धि ने बिल्डरों की परेशानी बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर मामले में तत्काल दखल देने की मांग की है। क्रेडाई ने कहा कि स्टील और सीमेंट की बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित नहीं किया गया तो मकानों की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ेगी। क्रेडाई के अध्यक्ष सतीश मगर के अनुसार, सीमेंट और स्टील विक्रेताओं ने अचानक कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नतीजतन मंदी के दौर से गुजर रहे रियल स्टेट उद्योग की और परेशानी बढ़ गई है। सतीश ने कहा कि कीमतों को नियंत्रित नहीं किया गया तो निर्माणाधीन इमारतों में मकानों की कीमतें 40 से 50 रुपये प्रति वर्ग फुट की बढ़ोतरी हो सकती है।

कोरोना की वजह से बंद पड़े काम को दोबारा पटरी पर लाने में पहले से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सीमेंट के एक बैग की कीमत 100 से 250 रुपये और स्टील की दरों में 2000 से 2500 रुपये प्रति मेट्रिक टन की वृद्धि ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। पहले नोटबंदी फिर कोरोना संकट ने बिल्डरों को बड़े आर्थिक संकट में डाल दिया है। बिल्डरों की आर्थिक स्थिति को जानते हुए रॉ मटेरियल सप्लायरों ने उधारी के बजाय अडवांस पैसे मांगने शुरू कर दिए हैं। जेवीएम स्पेस के प्रमुख निमेत मेहता के अनुसार, कोरोना की वजह से नई बुकिंग पूरी तरह से ठप हो गई है, वहीं जो ग्राहक घर ले चुके हैं, उनकी तरफ से भी समय पर पैसे नहीं मिल रहे हैं। वहीं दाम बढ़ने पर रॉ मटेरियल सप्लायर भी अब अडवांस पैसे की मांग कर रहे हैं। कोरोना के कारण बडी संख्या में मजदूर अपने गांव चले गए हैं। मौजूद समय में काम शुरू करने में मजदूरों की दिक्कत नहीं हो रही है, लेकिन सीमित मजदूर होने की वजह से भविष्य में मजदूरं ही अधिक पैसे की मांग कर सकते हैं।