मुंबई : ट्रेन चलाने की नहीं लेनी पड़ेगी राज्य की मंजूरी, गृह मंत्रालय का निर्णय

मुंबई : लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को श्रमिक ट्रेन से गांव भेजने के लिए अब उनके गृह राज्य से इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी.मंगलवार को गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश से गांव जाने का इंतजार कर रहे श्रमिकों को काफी राहत मिली है.रजिस्ट्रेशन करा कर बैठे हजारों प्रवासी मजदूरों को मंजूरी के नाम पर दो राज्यों के पाटों के बीच पिसना नहीं पड़ेगा.

लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनके गांव भेजने  के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर ही डाली गई है. इसके पहले राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कर संबंधित राज्य को मंजूरी के लिए भेजती थी.उस राज्य की मंजूरी के बाद ही रेलवे से संपर्क कर ट्रेन छोड़ी जा रही थी.अब नए आदेश में सिर्फ रेल मंत्रालय और गृहमंत्रालय के सुझाव पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें संबंधित राज्य के लिए छोड़ी जाएंगी. दूसरे राज्यों से मंजूरी के लिए लगने वाला समय बचेगा.

गृह मंत्रालय ने कहा है कि श्रमिक ट्रेन छोड़े जाने के बाद संबंधित राज्य को सूचना दे दी जाएगी, ताकि पहुंचने पर प्रवासियों की स्वास्थ्य जांच आदि सुविधा सुनिश्चित हो सके. प्रवासियों की शिकायत थी कि रजिस्ट्रेशन करने के कई दिन बाद भी यात्रा को लेकर राज्य प्रशासन से समाधान-कारक उत्तर नहीं मिलता. गृह राज्य से परमिशन न मिलने का कारण बता कर टाल दिया जा रहा था.