मुंबई : पैदल और ट्रकों से चलने पर रोक, प्रवासियों की बढ़ी समस्या

मुंबई : लॉकडाउन में मुंबई एवं आसपास के उपनगरों में फंसे लाखों लोगों के पलायन से यूपी में भी स्थिति विकट हो गई है.मुंबई से विभिन्न वाहनों से निकले लोगों की वजह से प्रवासियों की समस्या और बढ़ गई है.सड़क मार्ग से पैदल और छोटे-बड़े वाहनों से निकले प्रवासी दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं.शनिवार को औरैया में हुई ट्रक दुर्घटना में 26 लोगों की मौत के बाद योगी सरकार ने शहरों की सीमाएं सील कर पैदल या अन्य गाड़ियों से आ रहे मजदूरों को रोक दिया है. महाराष्ट्र से जाने वाले प्रवासी अब मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर हजारों की तादाद में अटक गए हैं. पिछले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र की एसटी बसों से भी हजारों प्रवासी मजदूरों को एमपी सीमा तक ले जाकर छोड़ा गया.अब उन प्रवासियों की हालत ‘आसमान से गिरे ख़जूर पर अटके’ वाली हो गई है. सीमा पर परेशान मजदूरों को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज भी हुआ है.  

झांसी में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रेदश के रक्सा जौहरिया बार्डर पर शनिवार रात से रविवार सुबह तक 10 किलोमीटर का लंबा जाम लगा रहा.यहां ट्रकों से महाराष्ट्र गुजरात, एमपी से आ रहे हजारों की तादात में प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं. ऐसे में मुंबई और उपनगरों से ट्रकों या अन्य वाहनों से जाने वाले प्रवासियों की मुसीबत बढ़ गई है.उत्तर प्रदेश प्रशासन का कहना था कि महाराष्ट्र से ट्रकों में भर कर लोगों का आना जारी है,जिसे वहां की सरकार को रोकना चाहिए.बड़ी संख्या में ट्रकों और अन्य वाहनों के सड़क पर जल्दबाजी में निकलने से दुर्घटना बढ़ रही है. 

लखनऊ की सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे मजदूरों को रोकने के लिए पुलिस के साथ ही पीएसी को भी बुलाना पड़ा.लखनऊ,कानपुर सीमा पर मजदूरों से भरी गाड़ियों की कतारें लग गयी और भीषण गर्मी में फंसे मजदूरों में से कईयों की तबियत भी खराब हो गयी.पिछले 2 दिनों में घर वापसी कर रहे 60 से ज्यादा मजदूरों की सड़कों पर कुचल कर हुयी मौत के बाद योगी सरकार ने शहरों की सीमाएं सील कर पैदल या अन्य गाड़ियों से आ रहे मजदूरों को रोक दिया है.यूपी सरकार ने एक आदेश जारी कर पैदल,मिनी ट्रक, ट्रक, मेटाडोर, आटो,सायकिल या किसी अन्य निजी वाहन से मजदूरों के आने पर रोक लगा दी है.

यूपी के अपर गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने ट्रक अन्य वाहनों या पैदल न चलने की अपील की है. अवस्थी ने दावा किया कि एक दिन पहले 15 लाख लोग यूपी में आए थे.इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासियों की है.शनिवार को एक दिन में 1.5 लाख से ज्यादा लोग यूपी में आए हैं.इनमें कुल मिलाकर 16.5 लाख से ज्यादा लोग अभी तक राज्य में आए हैं. बताया गया कि मुंबई और महाराष्ट्र से अब तक 150 से ज्यादा श्रमिक ट्रेनें यूपी के लिए छोड़ी गई हैं.वैसे यूपी और बिहार के लिए  मुंबई से रोज 8 से 10 श्रमिक ट्रेनें रवाना हो रही हैं.इसके बावजूद लोग सड़क मार्ग से रवाना हो रहे हैं.जिन्हें जो वाहन मिल रहा है,उसी से रवाना हो रहे हैं. प्रवासी मजदूरों को केवल ट्रेनों से ही यात्रा करने के लिए कहा जा रहा है.