85 फीसदी बढ़ा महिलाओं के विरुद्ध अपराध, डेली 2 रेप

मुंबई 

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले छह सालों में महिलाओं के साथ रेप और छेड़खानी की घटनाओं में 85 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। मुंबई पुलिस के आंकड़ों के अनुसार शहर में औसतन हर दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की 9 तथा रेप की दो घटनाएं हो रही हैं। 

आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के विरुद्ध अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। मौजूदा वर्ष 2018 के पहले 6 महीनों में ऐसे 3047 केस रजिस्टर हुए हैं। जबकि 2012 में साल भर में 1649 मामले दर्ज हुए थे। मुंबई पुलिस के अनुसार महिलाओं के विरुद्ध रेप, मर्डर, छेड़छाड़, किडनैपिंग, बर्बरता के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। 

2017 में पूरे महाराष्ट्र में 4356 रेप केस रजिस्टर हुए थे, जिसमें से सिर्फ मुंबई से ही 20 फीसदी मामले थे। वहीं छेड़छाड़ की 12238 में से मुंबई के 15 फीसदी मामले थे। मुंबई पुलिस के अनुसार लोगों में जागरुकता की अधिक होने से इन संख्याओं में बढ़ोत्तरी हुई है, पहले की तुलना में अब लोग अधिक रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। 

डीसीपी मंजूनाथ ने कहा, 'हर पुलिस स्टेशन में महिलाओं के लिए एक अलग महिला सेल है। हम हर केस को गंभीरता से लेते हुए जल्दी निपटारा करने की कोशिश करते हैं।' वहीं राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहातकर ने कहा कि जागरुरता अभियान का फायदा हुआ है और समाज को भी महिलाओं के अधिकारों के लिए सामूहिक तौर पर जिम्मेदारी लेनी चाहिए। आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के विरुद्ध अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। मौजूदा वर्ष 2018 के पहले 6 महीनों में ऐसे 3047 केस रजिस्टर हुए हैं। जबकि 2012 में साल भर में 1649 मामले दर्ज हुए थे। मुंबई पुलिस के अनुसार महिलाओं के विरुद्ध रेप, मर्डर, छेड़छाड़, किडनैपिंग, बर्बरता के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। 

2017 में पूरे महाराष्ट्र में 4356 रेप केस रजिस्टर हुए थे, जिसमें से सिर्फ मुंबई से ही 20 फीसदी मामले थे। वहीं छेड़छाड़ की 12238 में से मुंबई के 15 फीसदी मामले थे। मुंबई पुलिस के अनुसार लोगों में जागरुकता की अधिक होने से इन संख्याओं में बढ़ोत्तरी हुई है, पहले की तुलना में अब लोग अधिक रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। 

डीसीपी मंजूनाथ ने कहा, 'हर पुलिस स्टेशन में महिलाओं के लिए एक अलग महिला सेल है। हम हर केस को गंभीरता से लेते हुए जल्दी निपटारा करने की कोशिश करते हैं।' वहीं राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहातकर ने कहा कि जागरुरता अभियान का फायदा हुआ है और समाज को भी महिलाओं के अधिकारों के लिए सामूहिक तौर पर जिम्मेदारी लेनी चाहिए।