मुंबई में पकड़ी गई फरार सलोनी, वर‍िष्‍ठ पत्रकार पर 5 करोड़ देने का बनाया था दबाव

मुंबई 
वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक से पांच करोड़ रुपये की कथित मांग करने की आरोपी पत्रकार सलोनी अरोड़ा को मध्यप्रदेश पुलिस ने मुंबई पुलिस की मदद से शनिवार शाम को अंधेरी इलाके से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह बेटे से मिलने वहां आई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस सलोनी का 15 दिनों से पीछा कर रही थी। सलोनी अरोड़ा की गिरफ्तारी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा उसके भाई, बहन, जीजा और दोस्तों सहित करीब डेढ़ सौ लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्डिंग निकालने के बाद संभव हो पाई। पुलिस को उसके मुंबई में आने की खबर सलोनी के दिल्ली में रहने वाले मामा के मोबाइल नंबर की ट्रेसिंग से मिली। इससे पहले सलोनी मेरठ में थी। 


पुलिस के अनुसार, जब एक टीम मेरठ पहुंची, तो सलोनी वहां से दिल्ली और फिर मुंबई के लिए निकल गई। इस बीच, मुंबई पहुंचते ही उसके घर के आसपास तैनात पुलिस के मुखबिर ने जानकारी दी कि सलोनी का बेटा अंधेरी स्थित एक नामचीन कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करता है, जिससे मिलने के लिए शनिवार को सलोनी अंधेरी आने वाली है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने सादे कपड़ों में कोचिंग के आसपास जाल बिछाया। जैसे ही सलोनी बेटे से मिलने पहुंची, उसे दबोच लिया गया। रविवार को सलोनी को मुंबई पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया। 

इस मामले में सलोनी का नाम 20 जुलाई को तब सामने आया, जब कल्पेश याग्निक के भाई नीरज याग्निक ने इंदौर के एमआईजी पुलिस थाने के अपने भाई की आत्महत्या के लिए पूर्व पत्रकार सलोनी अरोड़ा को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। 

यह था मामला 
बता दें क‍ि कल्‍पेश याग्‍न‍िक एक दैन‍िक अखबार के संपादक थे। उनका शव 12 जुलाई की रात अपने कार्यालय में पड़ा हुआ म‍िला था। जांच के बाद मामला सामने आया क‍ि मह‍िला पत्रकार सलोनी पर कल्‍पेश याग्‍न‍िक को ब्‍लैकमेल कर रही थी। इस संबंध में कल्‍पेश याग्‍न‍िक के पर‍िजनों और सहकर्म‍ियों ने पुल‍िस में बयान दर्ज क‍िया था। सलोनी के ख‍िलाफ पुल‍िस में श‍िकायत होने के बाद से वह फरार चल रही थी।