जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने के लिए सामाजिक संगठनों ने ढूंढी अनोखी तरकीब ।

मुंबई । लॉक डाउन के कारण मुसीबत में फंसे मुंबई के लाखों लोगों की मदद के लिये अनेक संगठन आगे आये हैं ।जरूरत मंदों तक  भोजन पहुंचाने के लिए मुंबई के अनेक संगठनों ने एक अनोखी तरकीब ढूढ़ निकाली है  ।

 दादर वर्धमान जैन श्रावक संघ  लॉकडाउन के दौरान  प्रतिदिन 5 हजार जरूरत मंद लोगों को  खाने का पैकेट बांट रहा है ।  संघ पहले दादर पश्चिम स्थित जैन हॉस्पिटल में प्रतिदिन एक हजार लोगों को  भोजन का पैकेट बांटता था   लेकिन पीएम मोदी और सीएम उद्धव ठाकरे की अपील पर पैकेट की संख्या एक हजार से बढ़ाकर 5 हजार कर दी गयी है । कोरोना वायरस के कारण  देश भर में   लॉकडाउन किया गया  है और पुलिस तथा हॉस्पिटल स्टाफ को भारी डियूटी करनी पड़ रही है । पुलिसकर्मियों और होस्पिटल कर्मचारियों को खाने की दिक्कत न हो, इसलिए संघ ने दादर पश्चिम एस के बोले रोड स्थित जैन होस्पिटल में पुलिस तथा अस्पताल कर्मचारियों के लिए खाने की व्यवस्था की है . करीब   40 स्वयंसेवकों के साथ संघ के ट्रस्टी बाबूभाई भवानजी  और  अनिल धरोड़  अलग अलग विस्तार  में जाकर खाने का पैकेट बांट रहे हैं  । इसके अलावा दादर की रत्नदीप संस्था 6300 लोगों तथा आरजू स्वाभिमान संगठना 4हजार लोगों को खाने का पैकेज बांट रही है । इसके लिए दोनों संस्थाएं  बन्द पड़े होटलों  को रसोई के रुप इस्तेमाल कर रही हैं और वहीं से खाने के पैकेट बाहर भेजे जा रहे हैं ।

ये संस्थाएं बंद चल रहे होटलों की जगह और स्टाफ़ का इस्तेमाल करती हैं और उन्हें सामान देकर खाना तैयार करा लेती हैं ।आरजू के ट्रस्टी राजेन्द्र मेहता और रत्नदीप के ट्रस्टी राजीव मेहता हैं ।  होटलों की व्यवस्था पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने कराई है ।

श्री भवानजी ने कहा कि जो अन्य संस्थाएं जरूरत मंदों तक  खाना पहुंचाना चाहती हैं वे बंद चल रहे होटलों का इस्तेमाल इस काम के लिए कर सकते हैं ।