भायंदर : कोरोना काबू करने में प्रशासन कमजोर

भायंदर : शहर में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस को रोकने में मीरा-भायंदर मनपा प्रशासन के कमजोर पड़ने का आरोप शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने लगाया है. इस महामारी पर काबू पाने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग की टीम को मीरा-भायंदर  भेजने की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पत्र लिखकर की है और मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे के कामकाज को लेकर असंतोष जताया है.

सरनाईक ने कहा है कि पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने कम्युनिटी क्लीनिक व किचन शुरू करने, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई संस्थाओं द्वारा कराने, कोरोना मरीजों के लिए जरूरी सुविधाओं की सूची राज्य सरकार के पास भेजने का आदेश आयुक्त को दिया था, लेकिन 20 दिन बाद भी उस पर अमल नहीं हुआ. कोंकण विभागीय आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद कम्युनिटी किचन शुरू हुआ है, लेकिन नागरिकों की शिकायत है कि खाने की गुणवत्ता अच्छी नही है.पंडित भीमसेन जोशी कोविड-19 अस्पताल के डॉक्टरों के बीच अंतर्कलह और उन पर प्रशासन का अंकुश  व क्वारंटाइन सेल में दिशा-निर्देशों के अनुसार सुविधाओं का न होना तथा बरसात पूर्व इंतजाम न किये जाने से कोरोना तेजी से बढ़ रहा है. बरसात के कोरोना सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ सकता है. 

सरनाईक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आयुक्त जो निर्णय व कार्य करते हैं,उसकी कल्पना जनप्रतिनिधियों को नहीं होती है.ऐसे में उन्हें नागरिकों को उत्तर देते नहीं बनता है.रमजान में कई क्षेत्रों में लॉकडाउन कड़ा करने की जरूरत है.इस समाज के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्णय मनपा की तरफ से नहीं लिया गया है और न ही समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति या जनप्रतिनिधियों से चर्चा की.