परतवाडा : जुड़वा नगरी में अभूतपूर्व रहा जनता कर्फ्यू, पूरे दिन खामोश रहा शहर

परतवाडा : कोरोना के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आहुत जनता कर्फ्यू को जुड़वा नगरी अचलपुर-परतवाडा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनता कर्फ्यू को अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला. रविवार को पुरा दिन शहर खामोश रहा. कोरोना को खदेडने लोग सुबह 7 बजे से देर शाम तक अपने घरों में डटे रहे. इस वजह से शहर की सड़कें पुरी तरह सूनसान रही.

शहर के बस स्टैंड, गुजरी बाजार, साप्ताहिक बाजार, जयस्तंभ चौक, सदर बाजार, टिलक चौक, चावलमंडी, गांधीपूल, विदर्भ मिल, देवडी आदि समेत सभी इलाकों में सन्नाटा छाया रहा. जिस वजह से शहर के नागरिकों ने यातायात का कर्कश आवाज की बजाए पंछियों के कलरव का आनंद लिया. नागरिकों की आवाजाही नहीं होने से परतवाडा डिपो भी विरान रहा. ग्रामीण क्षेत्र के धोतरखेडा, एकलासपूर, धामणगांव गढी, कांडली, देवमाली परिसर समेत वझर के अंबादास पंत मुकबधीर विद्यालय बालगृह के छात्रों ने स्वयंस्फूर्ति से सहभाग दर्शाया. 

शाम 5 बजे नागरीकों ने घर के सामने आकर तालियां, बर्जन, घंटियां बजाए. जबकि अनेकों ने शंखनाद कर आकस्मिक सेवा देने वाले स्वास्थ्य, सुरक्षा रक्षक, डाक्टर, परिचारीका, पुलिस, दमकल समेत अन्य आपातकालिन सेवा में व्यस्त अधिकारी, कर्मचारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. रेलवे स्टेशन परिसा में नन्हें मुन्नों ने भी थालियां- चमचे बजाकर आनंद व्यक्त किया. अनेकों ने इस समय आतिशबाजी भी की. कुछ स्थानों पर अतिउत्साही एकजुट होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस के आह्वान पर वापिस घरों में लौट गए. 

अचलपुर उपविभागीय अधिकारी संदीपकुमार अपार, तहसीलदार मदन जाधव, मुख्याधिकारी अकिानी वाघमले, गुटविकास अधिकारी जयंत बाबरे, थानेदार सदांनद मानकर, सेवानंद वानखडे, प्रकाश राऊत आदि प्रशासकीय यंत्रणा परिस्थिति पर नजरें बनाए हुए थे. नागरीकों जीवनावश्यक वस्तुएं उपलब्ध होने की जानकारी दी जा रही थी तथा गली गली में नागरिकों सूचना देने के लिए वाहन घुमाए जा रहे थे.