मुंबई : बीएमसी के अस्पताल में अब 24 घंटे ओपीडी

मुंबई : कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीएमसी ने सभी अस्पतालों में 24 घंटे सर्दी, खांसी और बुखार की ओपीडी चालू रखने का फैसला लिया है। इसके लिए अस्पतालों को अलग से ओपीडी चलानी है और दूसरी बीमारियों के मरीजों को इनसे दूर रखना है। खबर लिखे जाने तक केईएम, सायन और नायर में शुरुआत भी हो चुकी थी।
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के प्रसार को कम करने के लिए बीएमसी अस्पतालों से भीड़ कम करने पर फोकस कर रही है। वहीं, इसके संदिग्ध मरीजों के लिए कस्तूरबा में चल रही ओपीडी से भार कम करने के लिए सभी अस्पतालों में बुखार, सर्दी और खांसी की ओपीडी शुरू हो रही है। देर रात बीएमसी कमिश्नर की ओर से जारी अस्पतालों के निर्देश के अनुसार, बीएमसी के सभी अस्पतालों को 24 घंटे सर्दी, खांसी और बुखार की ओपीडी चालू रखनी है। वहीं, ऐसे मरीज जिन्हें विशेष केयर की जरूरत नहीं है, उन्हें अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज करने को कहा गया है।
केईएम अस्पताल के डीन डॉ. हेमंत देशमुख ने कहा कि शनिवार से हमने अस्पताल में अलग से सर्दी खांसी और बुखार की ओपीडी शुरू कर दी है। यह ओपीडी 24 घंटे चालू रहेगी। जहां कभी भी लोग आकर बुखार या जुकाम से संबंधित समस्याओं पर परामर्श ले सकेंगे। सायन हॉस्पिटल के डीन डर मोहन जोशी ने भी बताया कि उनके अस्पताल में भी ओपीडी शुरू कर दी गई है और यहां बैठने वाले डॉक्टरों को सभी जरूरी उपकरण और सुरक्षा से जुड़ी चीजें उपलब्ध करा दी गई हैं।
एक तरफ जहां कोरोना की रोकथाम के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टरों को मास्क न मिलने की भी बात सामने आ रही है। केईएम अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि कुछ डॉक्टरों को मास्क मिल रहे हैं, जबकि कइयों को नहीं। जिन्हें मिल भी रहे हैं, उन्हें रोजाना का केवल एक ही मास्क मिल रहा। डॉक्टरों को लगातार कई घंटे ओपीडी में बैठने होते हैं, इसलिए मास्क बेहद जरूरी है।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टरों मास्क के लिए उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात भी की है, लेकिन कुछ हुआ नहीं अब तक। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें हर तरह के मरीज देखने होते हैं। केईएम में आने वाला मरीज कोरोना से प्रभावित है या नहीं यह भी उन्हें जानकारी नहीं होती, ऐसे में किसी कोरोना प्रभावित मरीज के संपर्क में आने से न केवल हम, बल्कि कई मरीज भी परेशान हो सकते हैं। मास्क के मुद्दे पर जब एनबीटी ने डॉ. हेमन्त देशमुख से बात की, तो उन्होंने मास्क की कमी न होने का दावा किया।