नागपुर : बंद मतलब बंद; मुंढे ने हड़काया, सीपी ने चमकाया

नागपुर : कोरोना के तेजी से बढ़ते प्रसार की रोकथाम के लिए मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शुक्रवार को ही शनिवार से सिटी में लॉक डाउन की घोषणा कर दी थी. उन्होंने जीवनावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं व दूकानों को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया और नागरिकों से अपील की थी कि वे अपने घरों से नहीं निकलें. यहां तक कि निजी कार्यालयों व संस्थानों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया था.

शनिवार को सुबह 10 बजे से वे अपने सहयोगी अधिकारियों के साथ पूरी सिटी में जारी कर्फ्यू का जायजा लेने निकले. अधिकतर दूकानें व बाजार तो बंद रखी गई थी लेकिन जहां भी उन्हें खुली नजर आई उन्हें समझाइश देकर बंद करवा दी. वहीं दूसरी ओर पुलिस कमिश्नर डा. भूषणकुमार उपाध्याय भी सड़कों पर उतरे. उन्होंने भी व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने और नागरिकों को अपने घरों के भीतर रहने के लिए समझाइश दी. शहर व पुलिस प्रशासन सुबह से देर रात तक सिटी लॉकडाउन को 100 फीसदी सफल बनाने में जुटा रहा. सिटी के व्यापारियों व नागरिकों का भी काफी सहयोग मिला.

मुंढे अपने कार्यालय से निकलकर फुटाला, सेमिनरी हिल्स, हजारी पहाड़ होते हुए बर्डी पहुंचे. यहां वेरायटी चौक स्थित एक फोटोमॉल खुला नजर आया. उन्होंने संचालक को लॉक डाउन के आदेश की जानकारी देकर तुरंत बंद करने को कहा. संचालक ने तुरंत दूकान बंद की. मुंढे बर्डी होते हुए महल, बड़कस चौक परिसर पहुंचे. यहां अधिकतर ने अपनी दूकानें बंद कर रखी थीं. जो खुली थीं उन लोगों ने मुंढे के आने की भनक लगते ही फटाफट बंद कर दी. सभी व्यापारियों ने उन्हें अगले आदेश तक दूकानें नहीं खोलने का आश्वासन भी दिया.

मनपा आयुक्त मोमिनपुरा पहुंचे और पूरे परिसर में उन्होंने पैदल घूमकर शुरू दूकानों को बंद करने को कहा. मोमिनपुरा में कई जगहों पर उन्हें नागरिकों की भीड़ नजर आई. उन्हें भी उन्होंने समझाया और कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए शासन के आदेशानुसार भीड़ को टालने को कहा.

अपने दौरे के बाद मनपा आयुक्त ने प्रेस परिषद लेकर कहा कि सरकार, प्रशासन व मीडिया द्वारा बार-बार अपील किए जाने के बाद भी नागरिकों ने हालात की गंभीरता को नहीं समझा है. कोरोना का प्रादुर्भाव न हो इसके लिए आगामी कुछ दिनों तक सतर्कता लेनी है. नागरिकों के अत्यावश्यक कार्य के सिवाय घर से बाहर नहीं निकलना है. बावजूद इसके अगर बिना कारण जो घर से बाहर निकलेगा अब उस पर कानूनन कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुंढे ने कहा कि प्रशासन के आदेश का नागरिकों ने पालन नहीं किया तो कड़ी कार्रवाई के सिवाय कोई चारा नहीं रह जाएगा. इसलिए नागरिक अपने घर पर रहें. प्रशासन को कठोर कदम उठाने को मजबूर न करें. उन्होंने यह भी अपील की कि लोग अपने परिवार के दूसरे सदस्यों को भी घर के बाहर न निकलने दें.

मुंढे ने सिटी में चल रहे आटो, निजी कारें, दोपहिया वाहन चालकों को हिदायत दी है कि वे शहर में तत्काल आवागमन बंद करें. जो अनावश्यक काम से घूमते मिलेंगे उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी. जो भी बाहर नजर आएगा उससे पुलिस इसका कारण पूछेगी और अगर जवाब संतोषजनक नहीं लगा तो उसके खिलाफ मामला दर्ज करेगी. 1 महीने की जेल की सजा भी हो सकती है. इसलिए लाक डाउन और शट डाउन के आदेश तक नागरिक अपने घरों में ही रहें. उन्होंने कहा कि सिटी में पूरी स्थिति की समीक्षा प्रशासन कर रही है और परिस्थिति नियंत्रण में हैं. सभी अधिकारी खुद को भी कोरोना के प्रादुर्भाव से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण सिटी बंद करने का मौका न आने दें और प्रशासन का सहयोग करें.

सिटी में धारा 144 लागू होने के बाद भी मंगलवारी जोन में स्थित सुंदर बिस्कीट इंडस्ट्री कोराडी रोड में 50-60 कर्मचारी काम करते पाये गए. कारखाना में बिस्कीट का उत्पादन शुरू था. जैसे ही मुंढे को यह सूचना मिली उन्होंने सहायक आयुक्त हरीश राऊत को कार्रवाई का निर्देश दिया. उनके मार्गदर्शन में स्वच्छता विभागीय अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक व उपद्रव शोध पथक ने दोपहर को कार्रवाई की. कारखाना संचालक पर कार्रवाई कर 65 हजार रुपयों का जुर्माना दर्ज किया गया.