मुंबई : दुर्लभ धातु का झांसा देकर 9 लाख की धोखाधड़ी, 3 गिरफ्तार

मुंबई : क्राइम ब्रांच ने कॉपर इरेडियम, राइस पुलिंग एवं दुर्लभ धातु का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले एक और गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने दुर्लभ धातु को बेचने पर 5 करोड़ रुपए मिलने का झांसा देकर एक व्यक्ति को 9 लाख रुपए का चूना लगाया था. धोखाधड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले मालाड एवं अंधेरी में इसी तरह के 2 जालसाजी के मामले सामने आए थे.

 क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के सिपाही आरिफ पटेल को गुप्त सूचना मिली थी कि आग्रीपाड़ा के शिरीन थिएटर के बगल में कुछ लोग दुर्लभ धातु की बिक्री का झांसा देकर कुछ लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाने के लिए आने वाले हैं. संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) संतोष रस्तोगी और पुलिस उपायुक्त शाहजी उमाप के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक संजय निकुंबे के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक अर्जुन जगदाले, सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष सालुंखे, गणेश केकाण, आरिफ पटेल, बेलणेकर, निंबालकर, पुलिस नाईक हृदयनारायण मिश्रा एवं राजेश सोनावणे की टीम ने ट्रैप लगाकर 3 संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा. उनकी पहचान मीरा रोड में रहने वाले सलीम हश्मतअली खान (47), भिवंडी स्थित दांडेवाड़ी के मोहम्मद शरीफ युनूस अंसारी (45) और भिवंडी के ही रहने वाले करीम रजाक सैयद (36) के रूप में हुई है. उनके पास से तांबे के एक भगोने जैसा पीतल का धातु बरामद किया गया. आरोपियों ने इसे 'कॉपर इरेडियम' नामक मूल्यवान धातु होने का एक व्यक्ति से दावा करते हुए उसे बेचने पर 5 करोड़ रुपए मिलने का झांसा दिया था. इस धातु का इस्तेमाल भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में होने की बात कही थी. वे 'कॉपर इरेडियम' धातु की विरोधी वस्तु 'राइस पुलर' पद्धति के परीक्षण पर लाखों रुपए खर्च के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठते थे. 

क्राइम ब्रांच यूनिट-10 के प्रभारी सुनिल माने की टीम ने इसी तरह की जालसाजी में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो अंधेरी (पूर्व) के चकाला इलाके में एक व्यक्ति को दुर्लभ धातु को टेस्ट करने पर 39 हजार करोड़ मिलने का झांसा देकर 10 लाख रुपए का चूना लगाया था. सबसे पहले क्राइम ब्रांच यूनिट-11 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रभारी पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढाव की टीम ने सबसे पहले मालाड (प.) के एवरशाइन नगर के बंगले में छापा मारकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. आरोपियों ने मुंबई के एक व्यवसायी को 10 लाख रुपए का चूना लगाया था. उससे 25 लाख रुपए की मांग की गयी थी.