देश में बुलेट, मेट्रो और मोनो रेल के बाद अब मुंबई से पनवेल मैग्लेव ट्रेन

मुंबई : देश में बुलेट, मेट्रो और मोनो रेल के बाद अब मुंबई से पनवेल की बीच मैग्लेव (चुंबकीय) ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है. मुंबई में उपनगरीय रेल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे एमआरवीसी ने मैग्लेव ट्रेन चलाने का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार के पास भेजा है. इसके पहले सीएसएमटी-पनवेल रेल कॉरिडोर बनाने की योजना थी. अब इसकी जगह सीएसएमटी से पनवेल के लिए हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन चलाने का प्रस्ताव एमआरवीसी के माध्यम से तैयार किया गया है. सीएसएमटी से पनवेल की दूरी 55 किलोमीटर है. मुंबई से नवी मुंबई के नए एयरपोर्ट को कनेक्ट करते हुए नेरुल से पनवेल की तरफ मैग्लेव ट्रेन चलाई जा सकती है. मैग्लेव ट्रेन इस समय चीन के शंघाई शहर में चल रही है, इसके अलावा जापान में भी काम हो रहा है. बताया गया है कि स्वीस बेस्ड एक कंपनी ने भारतीय कंपनी के साथ मिलकर मैग्लेव ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा जताई है. पीपीपी मॉडल पर चुंबकीय ट्रेन परियोजना पर काम होगा.

सीएसएमटी से पनवेल के बीच मैग्लेव ट्रेन चलाने के लिए 13 हजार 500 करोड़ रूपए खर्च आएगा. एमआरवीसी के सीएमडी आर.एस.खुराना के अनुसार इस बहुउद्देशीय परियोजना का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड और राज्य सरकार के पास भेजा गया है. यह योजना बीओटी के माध्यम से की जा सकती है. इसके लिए सरकार को सिर्फ जमीन उपलब्ध कराना होगा. सीएमडी आर.एस खुराना ने बताया कि मैग्लेव ट्रेन से मात्र 35 मिनट में मुंबई से पनवेल पहुंचा जा सकता है. इसका किराया 10 रुपए से लेकर 110 रुपए तक हो सकता है. मैग्लेव ट्रेन न्यूनतम 200 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेगी. 8 कोच की मैग्लेव ट्रेन में लगभग 2873 यात्री यात्रा कर सकेंगे. मैग्लेव ट्रेन का प्रति किमी किराया मोनो और मेट्रो की अपेक्षा कम होने का दावा भी किया गया है.