कोरोना वायरस का कहर, सिर्फ 6 दिन में अस्पताल बना रहा चीन

पूरी दुनिया में चर्चित खतरनाक कोरोना वायरस चीन में कहर बरपा रहा है. चीन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार तक कोरोना वायरस के कारण 56 लोगों की मौत हो चुकी है. 237 लोगों की हालत गंभीर है. इसी बीच चीन ने एक बड़ा ऐलान किया है कि छह दिन के अंदर उसके यहां अस्पताल बन जाएगा. (Photo: PTI)
दरअसल, चीन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चीन में कोरोना वायरस के कुल 1,965 संदिग्ध मामले सामने आए हैं. इनमें से 1287 लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने की पुष्टि की गई है. सर्वाधिक मौत मध्य चीन के हुबेई प्रांत में हुई हैं.
चीन सरकार ने वुहान प्रांत में एक 1000 बेड का अस्पताल बनाना शुरू कर दिया है, जिसके मात्र 6 दिन में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. वायरस से सर्वाधिक प्रभावित लोग वुहान और हुबेई प्रांत के शहरों में ही हैं.
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार अस्पताल का काम शुरू हो चुका है और ये नया अस्पताल 1000 बेड वाला होगा. अस्पताल के लिए 25 हजार वर्ग मीटर वाले एक इलाके में खुदाई का काम शुरु हो चुका है.
दरअसल, इसी तरह साल 2003 में चीन ने एक कारनामा कर दिखाया था जब उसने मात्र सात दिन में एक महामारी से निपटने के लिए अस्पताल बनाया था. उस समय बीजिंग में सार्स वायरस के निपटने के लिए अस्पताल बनाया था.
ये अस्पताल इसी कोरोना वायरस के लिए बनाया जा रहा है. इसमें कोरोना वायरस से संक्रमित लोग ही आएंगे. इस कारण यहां सुरक्षा के भी इंतजाम होंगे. 2003 में सात दिनों के भीतर बीजिंग में अस्पताल बनाने के रिकॉर्ड को चीन खुद ही तोड़ेगा.
इन दोनों प्रांतों में हालात इतने भयावह हैं कि सेना की भी सहायता ली जा रही है. साथ ही इन शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवा को निलंबित कर दिया गया है. यहां पूरी तरह लॉक-डाउन जैसे हालात हैं. इस वायरस के कारण चीनी नव वर्ष का जश्न भी नजर नहीं आ रहा.
कोरोना वायरस चीन से बाहर भी कई देशों में फैल गया है. हांगकांग, मकाऊ, ताइवान, नेपाल, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ही ऑस्ट्रेलिया तक फैल गया है. जापान ने शुक्रवार को दूसरे मामले की पुष्टि की. वहीं शनिवार को ऑस्ट्रेलिया ने भी एक मामले की पुष्टि की है.
कोरोना वायरस के कारण भारत की चिंता भी बढ़ गई है. वुहान और हुबेई प्रांत के विश्वविद्यालयों में 700 छात्र पढ़ाई करते हैं. इनमें से कई अभी वहीं हैं. भारतीय दूतावास छात्रों के संपर्क में है. इसके लिए भारतीय दूतावास ने हॉटलाइन नंबर भी जारी किया है. वहीं चीन से लौटे 7 लोगों को केरल में निगरानी में रखा गया है.