मुंबई की सेहत पर संकट, बड़ा इंफेक्शन का खतरा

मुंबई : दिसंबर के 10 दिन निकल चुके हैं, लेकिन मुंबईकरों को अब भी तापमान में गिरावट का इंतजार है। तापमान न गिरने से न केवल लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि इसके कारण लोगों में एलर्जी की समस्या भी बढ़ रही है। वहीं, सांस से संबंधित मरीजों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को मुंबई शहर का अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उपनगर का अधिकतम तापमान 33.6, जबकि न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछली बार अब तक न्यूनतम तापमान 17 डिग्री तक आ चुका था, जबकि इस साल अब तक यह 20 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा है। नतीजतन, दिसंबर में भी लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा, वहीं वायरल इंफेक्शन की समस्या भी बढ़ रही है।

संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम श्रीवास्तव ने कहा कि तापमान में गिरावट न होने के कारण वायरल इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। वहीं, एलर्जी और सांस से संबंधित बीमारियों के मरीजों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर के कारण सर्दी-जुकाम सहित लोगों में खांसी की दिक्कत हो रही है। जब तक तापमान में गिरवट नहीं होती, ऐसे मामलों पर अंकुश लगने की संभावना कम है। नानावटी अस्पताल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. सलिल बेंद्रे ने कहा कि वर्तमान के मौसम के कारण अस्पताल की ओपीडी में आने वाले एलर्जी और सांस संबंधित मरीजों के मामलों में तकरीबन 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सुबह के वक्त हल्का धुंध रहता है, जबकि दोपहर में तापमान अधिक, इसके कारण प्रदूषित कण वायुमंडल में काफी नीचे रहते हैं। यही वजह है कि लोगों को गले में इरिटेशन के साथ ही एलर्जी और दूसरी सांस संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी अस्थमा के मरीजों को हो रही है। बचाव के मद्देनजर उन्हें नियमित रूप से दवाइयां लेने के साथ ही इनहेलर का इस्तेमाल करना चाहिए।