मुंबई : फडणवीस सरकार की सभी योजनाओं की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

मुंबई : शिवसेना ने सत्ता में आते ही फडणवीस सरकार के फैसले पलटने और प्रॉजेक्ट्स की समीक्षा का सिलसिला शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले छह महीनों में देवेंद्र फडणवीस की सरकार द्वारा स्वीकृत सभी परियोजनाओं/प्रस्तावों की समीक्षा करने का आदेश दिया है। ठाकरे ने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि जब तक महागठबंधन सरकार इन योजनाओं के लिए मंजूरी ना दे दे तब तक भुगतान जारी ना करें।

बता दें कि शिवसेना पहले भी राज्य में फडणवीस सरकार की योजनाओं की आलोचक रही है। ऐसे में सरकार बनने के बाद से ही उद्धव अब उन सारी योजनाओं की समीक्षा नए सिरे से कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने मुंबई मेट्रो के लिए आरे कार शेड का काम भी रोक दिया था। रविवार को उद्धव ने कहा था, 'मैंने आज अधिकारियों को आरे मेट्रो कार शेड प्रॉजेक्ट का काम रोकने का आदेश दिया है। फिलहाल मेट्रो के काम पर कोई रोक नहीं है, लेकिन सरकार के अगले आदेश तक आरे में एक भी पत्ता नहीं काटा जाएगा।' सीएम उद्धव ठाकरे ने रविवार को बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट की समीक्षा के आदेश दिए। उन्होंने कहा, 'बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की जानी है। यह सरकार आम आदमी की है। हम बुलेट ट्रेन (परियोजना) की समीक्षा करेंगे। क्या मैंने आरे कार शेड की तरह बुलेट ट्रेन परियोजना को रोका है? नहीं।'

एक वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा, केवल उन्हीं परियोजनाओं के लिए भुगतान किया जाएगा जो 100 फीसदी पूर्ण हैं। शेष का भुगतान सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही होगा। राज्य की नौकरशाही के सूत्रों ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना के अलावा, मुंबई-नागपुर समृद्धि कॉरिडोर (लागत 46,000 करोड़ रुपये), दक्षिण मुंबई को पश्चिमी उपनगरों से जोड़ने वाली तटीय सड़क परियोजना (12,000 करोड़ रुपये की लागत), वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना (7,000 करोड़ रुपये कीमत) और ठाणे क्रीक पर तीसरे पुल का निर्माण (800 करोड़ रुपये) सहित सभी जारी परियोजनाओं की समीक्षा का फैसला लिया गया है। उधर, उद्धव ठाकरे सरकार ने प्रदेश में नाणार रिफाइनरी परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ सभी मामलों को वापस ले लिया है। सोमवार को सीएम उद्धव ठाकरे ने इसके आदेश जारी किए। गौरतलब है कि शिवसेना पहले से ही राज्य के रत्नागिरी जिले के नाणार में तीन लाख करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ थी।