प्रदर्शन करने वाली अनु दूबे को पुलिस ने मारा-स्वाति मालीवाल

हैदराबाद : हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की बलात्कार के बाद जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में देशभर में लोगों में गुस्सा है। हैदाराबाद में जहां लोग सड़कों पर उतरकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं। वहीं इस मामले की गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। शनिवार सुबह एक युवती अनु दूबे संसद भवन के पास प्रदर्शन करनी पहुंची तो दिल्ली पुलिस ने उसे उठाकर थाने ले गई। युवती का आरोप है कि थाने में पुलिवालों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। 

पुलिस ने कहा है कि हैदराबाद में जली हालत में जिस महिला पशु चिकित्सक का शव मिला है, हत्या से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया था। उधर, तेलंगाना के एक मंत्री ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि महिला को अपनी बहन की जगह पुलिस को फोन करना चाहिए था। पुलिस ने बताया कि बलात्कार और हत्या के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अनु दूबे का कहना है कि थाने में लेकर जाकर तीन लेडी कांस्टेबल मेरे ऊपर चढ़ी थी। वो मुझसे कुछ जानकारी मांग रहे थे तो मैंने कहा था बाहर जाकर बोलूंगी। इस पर उन्होंने मुझे बहुत मारा। अनु ने कहा कि ये मेरे बारे में नहीं है वो लड़की मर गई। मैं मरना नहीं चाहती और नहीं चाहती हूं कि अब कोई रेप की घटना हो। इसलिए मैं प्रदर्शन कर रही थी। जब इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को पता चला वह अनु दूबे की मदद के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंची। 

स्वाति मालीवाल ने कहा कि अनु दूबे को पुलिस ने मारा है। दिल्ली पुलिस को शर्म आनी चाहिए। अनु को थप्पड़ और नाखून मारे गए और दोबारा प्रर्दशन करने से रोका गया। उन्होंने कहा कि अनु को धक्के मार के लिटाया गया और फिर उस पर तीन लेडी कांस्टेबल चढ़ गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और तीन अफसरों को बर्खास्त होना चाहिए।  उन्होंने कहा कि एक लड़की अपनी आवाज नहीं उठा सकती है। नेता तो कुछ करते नहीं है और आज का युवा आवाज उठाता है तो उसकी आवाजा को तो उसकी आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है। दिल्ली पुलिस पर धिक्कर है। पुलिस के मुताबिक, महिला अस्पताल गई थी और बुधवार शाम घर लौट आई थी। वह शाम को पांच बजकर करीब 50 मिनट पर दूसरे क्लिनिक के लिए रवाना हुई और अपनी दोपहिया गाड़ी शमशाबाद टोल प्लाजा के पास खड़ी कर साझेदारी वाली (शेयर्ड) कैब ली। उसकी छोटी बहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि महिला ने बुधवार रात नौ बजकर 22 मिनट पर उसे कॉल की थी और कहा था कि वह अब भी टोल प्लाज़ा पर है और किसी ने उससे कहा है कि उसकी स्कूटी के पहिए की हवा निकल गई है तथा मदद की पेशकश की है। 

उसने अपनी बहन को यह भी बताया था कि वह डर रही है, क्योंकि पास में एक लॉरी है और जिन्होंने उसकी मदद करने की पेशकश की थी वे गाड़ी के पास हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने रात नौ बजकर 44 मिनट पर फिर अपनी बहन को फोन किया लेकिन तब फोन बंद था। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पशु चिकित्सक का शव हैदराबाद-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास गुरुवार को मिला जो उस टोल प्लाजा से करीब 25 किलोमीटर दूर है जहां वह आखिरी बार देखी गई थी। रामा राव ने ट्वीट किया, '' हत्या से दुखी और गुस्से में हूं... मुझे यकीन है कि तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक और पुलिस यह जघन्य अपराध करने वाले जानवरों को पकड़ लेंगे तथा जल्द से जल्द इंसाफ दिलाएंगे। मैं निजी तौर पर मामले पर नजर भी रखूंगा। कोई संकट में हो तो, कृपया 100 नम्बर पर फोन करे।