मुंबई : उद्धव ठाकरे ने दिया बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा का आदेश

मुंबई : कभी भारतीय जनता पार्टी की साथी रही शिवसेना ने सत्ता में आते ही पुराने फैसले पलटने और प्रॉजेक्ट्स की समीक्षा का सिलसिला शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन समेत राज्य में चल रही सभी विकास परियोजनाओं की समीक्षा के आदेश दिए हैं। इससे पहले उन्होंने मुंबई मेट्रो के लिए आरे कार शेड का काम भी रोक दिया था। सीएम ने रविवार को बताया था कि उन्होंने बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट की समीक्षा के आदेश दिए हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिनकी भूमि अधिग्रहित की जानी है। उन्होंने कहा, 'यह सरकार आम आदमी की है। जैसा कि आपने अभी पूछा, हां, हम बुलेट ट्रेन (परियोजना) की समीक्षा करेंगे। क्या मैंने आरे कार शेड की तरह बुलेट ट्रेन परियोजना को रोका है? नहीं।' 

बता दें कि सितंबर 2017 में अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो अबो ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट का शिलान्यास किया था। पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रॉजेक्ट के 2023 तक पूरा होने की संभावना थी। इस प्रॉजेक्ट का ट्रैक लेंथ करीब 508 किलोमीटर था, जो मुंबई के बीकेसी से गुजरात के साबरमती तक रखा गया था। इस बारे में जून में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से 81 प्रतिशत लागत का वित्त पोषण जापान इंटरनैशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जीका) के माध्यम से किया जाएगा। ठाकरे ने बताया कि उनकी सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र भी लाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जिस पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है वह किसानों का बिना शर्त कर्ज माफ करने को लेकर प्रतिबद्ध है। इससे पहले उद्धव ने आरे में मेट्रो कार शेड निर्माण पर रोक लगा दी थी। साथ ही, विरोध प्रदर्शनों के दौरान जिन पर्यावरणविदों पर केस दर्ज किए गए थे, वे सभी वापस लेने का आदेश दे दिया है।

यह घोषणाएं तब की गई हैं जब एक दिन पहले शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस की ठाकरे के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) ने 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा में 169 विधायकों के समर्थन से विश्वास मत जीत लिया। ठाकरे ने कहा कि राज्य में पूर्ववर्ती बीजेपी नीत सरकार की जो प्राथमिकताएं थीं, उन्हें 'हटाया' नहीं गया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रतिशोध की राजनीति नहीं है।