उद्धव सरकार ने पास किया दूसरा टेस्ट, निर्विरोध चुना गया गठबंधन का स्पीकर

महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस गठबंधन, महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की अगुवाई में उद्धव ठाकरे सरकार ने शनिवार को विधानसभा में आसानी से अपना बहुमत साबित कर पहला टेस्ट पास कर लिया। वहीं उद्धव ठाकरे सरकार का रविवार को दूसरा टेस्ट भी पास कर लिया और विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए खड़े किए गए उम्मीदवार नाना पटोले निर्विरोध चुन लिया गया। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बहुमत के लिए 145 विधायकों के वोट चाहिए थे जबकि उनके पक्ष में 169 वोट पड़े। राज्य विधानसभा में 105 विधायकों वाले सबसे बड़े दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मतदान से पहले सदन का बर्हिगमन किया जबकि चार विधायक तटस्थ रहे। विश्वास मत के खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा। तटस्थ रहने वाले विधायकों में ठाकरे के चेचेरे भाई राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का एक विधायक भी शामिल थे। मनसे के अलावा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के दो और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक विधायक ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

- महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर एनसीपी के छगन भुजबल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विपक्ष ने भी नामांकन भरा था, लेकिन अन्य विधायकों के अनुरोध और विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने के लिए उन्होंने नाम वापस ले लिया। अब अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध चुना गया है।

- मुंबई: प्रोटेम स्पीकर दिलीप वाल्से पाटिल ने अध्यक्ष चुने जाने से पहले सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फड़नवीस बैठक के जाते हुए।

- महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस विधायक नाना पटोले पार्टी के उम्मीदवार होंगे जबकि भाजपा ने किशन कथोरे को अपना प्रत्याशी बनाया है। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव रविवार को होगा।

- कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नाना पटोले हमारे उम्मीदवार होंगे। पटोले विदर्भ में साकोली विधानसभा सीट से विधायक हैं। वहीं महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुरबाड से पार्टी के विधायक कथोरे इस पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार होंगे। एनसीपी विधायक दिलीप वालसे पाटिल को शुक्रवार को विधानसभा का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह भाजपा विधायक कालिदास कोलांबकर का स्थान लेंगे जिन्हें पहले इस सप्ताह कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 

- नाना पटोले : एक साल पहले भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए

2014 में भाजपा के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ा और एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल को हराया

2017 में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बयानबाजी कर भाजपा से इस्तीफा दे दिया

2018 में नाना पटोले कांग्रेस में शामिल हो गए और वर्तमान में सकोली से विधायक हैं

2019 में नितिन गडकरी के खिलाफ नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए

- किशन कथोरे  : पांच साल पहले एनसीपी छोड़ भाजपा में आए

कथोरे ने राजनीति की शुरुआत एनसीपी से की थी. 

2004 में पहला चुनाव अंबरनाथ विधानसभा सीट से लड़ा और शिवसेना के कद्दावर नेता को हराया था

2009 का चुनाव मुरबाड विधानसभा सीट से लड़ा और जीत दर्ज की

2014 में किसन कथोरे बीजेपी में शामिल हो गए

2019 का चुनाव किसन कथोरे ने मुरबाड सीट से ही जीता