7 हत्याओं में वांटेड उमेश पंडित AK-47 के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम

ग्रेटर नोएडा : एके-47 लेकर घूम रहे रणदीप भाटी गिरोह का कुख्यात अपराधी उमेश पंडित को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बदमाश के दोनों पैर में गोली गली है। मुठभेड़ में एसटीएफ का कांस्टेबल विकास कुमार भी घायल हो गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उमेश पर हत्या के सात सहित 18 मुकदमे दर्ज हैं। वह साहिबाबाद शूटआउट व चमन भाटी हत्याकांड में लिप्त रहा है। उमेश पर 50 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि यूपी एसटीएफ की ओर जानकारी दी गई कि 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश उमेश पंडित नोएडा या ग्रेटर नोएडा में है। इस पर एसटीएफ, बिसरख थाना पुलिस और सेक्टर-24 थाना पुलिस ने मिलकर संयुक्त रूप से ऑपरेशन किया। पुलिस को जानकारी मिली कि उमेश पंडित ग्रेटर नोएडा वेस्ट में है। पुलिस ने उसकी घेराबंदी की। वह एक कार में सवार था। उसे रोकने की कोशिश की गई तो उसने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि उमेश ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए उस पर जवाबी गोलीबारी की जिसमें उमेश के दोनों पांवों में गोलियां लगीं और वह जमीन पर गिर गया। पुलिस ने उसके पास से एक एके-47 रायफल बरामद की है। पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार कर लिया है और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। रणदीप भाटी गिरोह के लिए काम कर रहा था : उमेश पंडित रणदीप भाटी गिरोह के लिए काम कर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और रंगदारी के 18 से अधिक मुकदमे चल रहे हैं। फिलहाल रणदीप भाटी के लिए काम कर रहा था। रणदीप अभी जेल में बंद है। उससे मिलने वाले निर्देशों पर काम करता था। वह इस गैंग का मुख्य शूटर है।

एसटीएफ के डीएसपी आरके मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि गाजियाबाद का रहने वाला उमेश साहिबाबाद शूटआउट मामले में भी लिप्त था। इस हमले में कुख्यात सुंदर भाटी बाल-बाल बच गया था। उमेश पर गाजियाबाद में एक व्यापारी की हत्या का भी आरोप है। ग्रेटर नोएडा में चमन भाटी हत्याकांड में भी यह शामिल रहा है। इंस्पेक्टर पर दर्ज हुआ था केस : उमेश पंडित वर्तमान में सक्रिय था। वह जेल में भी बंद रह चुका है। जब उमेश जेल में बंद था तो उसके पक्ष में तत्कालीन जारचा कोतवाली प्रभारी केके राणा ने कोर्ट ने सीए दाखिल कर दिया था। इसके बाद केके राणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बदमाश उमेश पंडित के पास एके-47 कहां से आई है पुलिस इसकी जांच कर रही है। बताया जाता है कि एके-47 पर एक नंबर अंकित है। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह राइफल सरकारी है। कहीं से यह लूटकर लाई गई होगी। हालांकि, इसको लेकर एसटीएफ और पुलिस कुछ भी कहने से इनकार कर रही है। गाजियाबाद जनपद के रामपार्क एक्सटेंशन ई-23, लोनी का रहने वाले उमेश पंडित पर दिल्ली समेत प्रदेश के कई जिलों में मामले दर्ज हैं। उस पर गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़ व दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस और एसटीएफ को कई दिनों से तलाश थी।