भाइंदर : एमबीएमसी की कहानी, रिसाव में बह जाता है २० प्रतिशत पानी

भाइंदर : मीरा-भाइंदर शहर को प्रतिदिन होनेवाली जलापूर्ति का २०³ पानी रिसाव में बह रहा है। इसकी जांच लेखापरीक्षण के माध्यम से किए जाने की मांग होने लगी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पानी रिसाव की रोकथाम के लिए मनपा प्रशासन कदम उठाएगा। स्टेम प्राधिकरण और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) द्वारा मीरा-भाइंदर शहर को प्रतिदिन १८५ एमएलडी (दस लक्ष लीटर) जल आपूर्ति की जाती है। पाइपलाइन की मरम्मत और शटडाउन का असर भी जल आपूर्ति पर पड़ता है, वहीं जगह-जगह से हो रहे रिसाव के कारण भी पानी की समस्या मीरा-भाइंदरवासियों को झेलनी पड़ती है। यह रिसाव वर्तमान में २० प्रतिशत तक होने का अनुमान जल विभाग द्वारा लगाया जा रहा है। इस हिसाब से प्रतिदिन ३५ से ३६ एमएलडी पानी लोगों के घर तक पहुंचने से पहले ही रिसाव के कारण व्यर्थ बह जाता है।

स्टेम प्राधिकरण से होनेवाली जल आपूर्ति को मीरा-भाइंदर मनपा शहाड टेमघर और एमआईडीसी से होनेवाली जल आपूर्ति को शीलफाटा से शहर तक लाती है। इन दोनों स्थानों से जल आपूर्ति के लिए मनपा ने ८० किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई है। इस अंतर के मध्य पानी रिसाव की सर्वाधिक संभावना रहती है। इसके साथ ही शहर में पानी संग्रह के लिए बनाई गई पानी टंकी, पानी आपूर्ति की वितरण व्यवस्था, वितरण के लिए बनाया गया जोन, प्रत्येक जोन में लगाई गई वाल्व, इमारतों को दिए गए नल कनेक्शन आदि जगहों पर भी पानी रिसाव की समस्या रहती है। पानी रिसाव से संबंधित लेखापरीक्षण के बाद पानी रिसाव के सही अनुपात का पता लगाया जा सकेगा, ऐसी जानकारी मीरा-भाइंदर मनपा के जल विभाग द्वारा दी गई है।