बीजेपी को कर्नाटक पैटर्न का इंतजार, उद्धव के कुमारस्‍वामी साबित होने की उम्‍मीद

मुंबई : करीब डेढ़ साल पहले कर्नाटक में जिस तरह सत्ता का खेल खेला गया, महाराष्ट्र में भी लगभग उसी तरह कर्नाटक पार्ट-2 दोहराया गया। जिस तरह बीजेपी के वीएस येदियुरप्पा को सत्ता से हटाने के लिए धुरविरोधी कांग्रेस और जेडीएस ने हाथ मिलाया, ठीक उसी तरह महाराष्ट्र में भी बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस एकजुट हो गई हैं। इसके कारण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 80 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कर्नाटक की तरह महाराष्ट्र में भी बेमेल गठबंधन बना है। इस सरकार की भी लंबी उम्र नहीं होगी। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने इसकी भविष्यवाणी भी कर दी।  उन्होंने शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन पर हमला करते हुए कहा कि तीन पहियों वाली सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी, क्योंकि सभी पहियों की दिशाएं अलग-अलग होंगी, उनकी विचारधाराएं अलग-अलग हैं। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि कांग्रेस ने इसी तरह बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए कर्नाटक में एक प्रयोग किया था, जो पूरी तरह से विफल रहा। उसी तरह का प्रयोग उन्होंने एनसीपी के साथ मिल कर महाराष्ट्र में किया है, जिसे उद्धव ठाकरे नहीं समझ पाए। इसका अंजाम उद्धव और शिवसेना को भुगतना पड़ेगा। पूर्व मंत्री राम शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह मतलबी सरकार बन रही है, ऐसी सरकारों की लंबी उम्र नहीं होती। हमें विश्वास है कि बीजेपी जल्द वापसी करेगी। वहीं, विनोद तावडे ने कहा कि शिवसेना ने हमारे साथ विश्वासघात किया है। वह ऐसे लोगों के साथ मिल कर सरकार बनाने जा रही है, जिनके साथ उसका कोई वैचारिक मिलाप नहीं है। राज्य की जनता ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को जनमत दिया था, उसका अपमान करते हुए शिवसेना सरकार गठन करने जा रही है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव का परिणाम मई 2018 में आया था। यहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस ने जेडीएस के कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री पद का ऑफर देकर गठबंधन किया था, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल ने बीजेपी के वीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई और उन्हें बहुमत साबित करने का भरपूर समय दिया।

कांग्रेस-जेडीएस राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कोर्ट गई। कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर येदियुरप्पा को सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया, जिसके बाद येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उसके बाद कुमार स्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। मई 2018 से जुलाई 2019 तक कुमार स्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने कई बार अपनी वेदना व्यक्त की और उनकी आंखों से आंसू तक निकल आए। आखिरकार कांग्रेस के कुछ विधायकों के टूट जाने के कारण जुलाई 2019 में कुमार स्वामी सरकार गिर गई और राज्य में दोबारा बीजेपी की येदियुरप्पा सरकार बनी।