मुंबई : पवार के इशारे पर अजित बीजेपी के साथ?

मुंबई : महाराष्ट्र के सियासी हालात को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने से पहले एनसीपी चीफ शरद पवार सतारा के कराड पहुंचे और पत्रकारों के हर सवाल का जवाब दिया। यहां उन्होंने कहा कि अजित पवार ने ऐसा क्यों किया इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। शरद पवार ने यह भी कहा कि अजित पवार की बगावत के पीछे उनका कोई हाथ नहीं है। अजित का बीजेपी के साथ जाने का फैसला उनका अपना था। उन्होंने कहा कि एनसीपी बीजेपी की साथ सरकार में शामिल नहीं होगी। अब जो कुछ भी साबित होगा वह विधानसभा में विश्वासमत के दौरान होगा। सतारा के कराड में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शरद पवार ने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अजित पवार से उनकी अब तक कोई बात नहीं हुई है। वहीं उनके इशारे पर अजित पवार के बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर शरद पवार पहले तो मुस्कुराए, इसके बाद उन्होंने कहा, 'अगर ऐसा होता तो कम से कम अपनी पार्टी के लोगों को तो मैं साथ में लेता।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं शिवसेना के साथ इतना आगे आ चुका हूं, तो मैं ऐसा कैसे कर सकता हूं, इस बारे में सोच भी नहीं सकता।' सरकार गठन में देरी को लेकर शरद पवार ने कहा, 'हमें 5 साल के लिए राज्य चलाना है। कांग्रेस और हम साथ थे और शिवसेना अलग विचारधारा वाली थी, इसलिए हमें उनके साथ हर एक मुद्दे पर बात करनी थी। हर एक चीज को स्पष्ट करना था।' शरद पवार ने कहा, 'जॉर्ज फर्नांडिस के साथ भी अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार बनाई थी। वह दौर भी हमने देखा, तब वाजपेयी ने सबको साथ बिठाया जो विवाद था उसे अलग रखा और कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय करके सरकार बनाई।' शरद पवार ने आगे कहा, 'अब जब तीन पक्ष साथ आए तो कई ऐसी बातें थी जिन पर शिवसेना की अलग राय थी।' हमें उसे साइड में रखा और सरकार बनाने का तय किया। शरद पवार ने कहा, 'कर्जमाफी करना कहने के लिए बहुत आसान है लेकिन यह कैसे होगा इस पर भी चर्चा होती है।