दस्यु सुंदरी साधना पटेल राइफल के साथ गिरफ्तार

यूपी-एमपी की सीमा में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर पाठा के बीहड़ में कूदी डकैत साधना पटेल को एमपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके ऊपर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह इधर एक वर्ष से दिल्ली आदि शहरो में शरण ले रखी थी। गैंग के ज्यादातर हार्डकोर इनामी सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। डकैत साधना पटेल का नाम अभी दो वर्ष पहले ही पाठा के बीहड़ों में चर्चा में आया था। बबुली कोल गैंग सफाया होने के बाद एमपी पुलिस के रडार पर साधना पटेल आई गई थी। एमपी पुलिस पिछले एक साल से उसकी तलाश में जुटी थी। सतना के एसएसपी रियाज इकबाल ने बताया कि साधना पटेल के मझगवां थाना क्षेत्र के कडियन मोड के जंगल में मौजूद होने की जानकारी मुखबिर से मिली थी। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर साधना पटेल को 315 बोर की राइफल चार कारतूस और 21 खोखों के साथ गिरफ्तार किया गया।

भरतकूप चौकी क्षेत्र के रामपुर पालदेव गांव के बगहिया भड़हा पुरवा की रहने वाली साधना पटेल उर्फ बेलनी कम समय में ही दस्यु सुंदरी बन बैठी। डकैतों से संबंध इसको विरासत में मिले है। एसएसपी सतना रियाज इकबाल के मुताबिक कुख्यात डकैत चुन्नीलाल पटेल से इसकी बुआ के घनिष्ट संबंध थे। वर्ष 2015-16 में साधना अपने मुंह बोले रिस्तेदार के साथ अपना घरबार छोड़कर चली गई थी। बाद में अनबन होने पर वापस चली आई। उसी समय फरार डकैत नवल धोबी के संपर्क में आकर वह गैंग सक्रिय सदस्य बनी। साधना पटेल प्रारंभ से ही महत्वाकांक्षी किस्म की थी। वह पूरे गिरोह में अपना आधिपत्य कर इलाके में अपना आतंक स्थापित करना चाहती थी। इसी बीच नवल धोबी व उसके गैंग के कई सदस्य पुलिस के हाथ लग गए। इनके जेल जाने के बाद साधना ने गैंग की कमान संभाली और खुद सरदार बन बैठी। उसके गैंग में दीपक शिवहरे, रवि उर्फ रिंकू शिवहरे, छोटू उर्फ ज्ञानेन्द्र पटेल आदि शामिल हो गए। साधना पटेल ने गैंग के साथ ज्यादातर एमपी क्षेत्र में सड़क निर्माण, तेंदू पत्ता की तोड़ान कराने वाले ठेकेदारों आदि से रंगदारी वसूलने में जुट गई। उसने वर्ष 2018 में गिरोह के साथ मिलकर राहगीरों व आम लोगों के साथ मारपीट व लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया। भरतकूप चौकी व फतेहपुर थाना क्षेत्र में कई वारदातें की। इसके बाद पथरा पालदेव गांव से छोटेलाल सेन का उसने अपहरण कर फिरोती मांगी थी। इस तरह से उसने धर्मनगरी चित्रकूट से लेकर भरतकूप चौकी क्षेत्र की सीमा से सटे दोनों प्रांतों के गांवों में वारदातों को अंजाम दिया है।

धर्मनगरी चित्रकूट में यूपी व एमपी सीमा क्षेत्र के जंगलों में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर चर्चाओं में आई डकैत साधना पटेल इनामी बन गई। नवल धोबी गैंग में बंदूक लेकर बीहड़ में कूदी साधना ने कम समय में ही अपना नाम चर्चाओं में ला दिया। आए दिन राह चलते लोगों से मारपीट कर छिनैती करके उसने इलाके में दहशत फैला दी थी। साधना की दहशत से सीमा के गांवों में रहने वाले लोग शाम से ही घरों के दरवाजे बंद कर अंदर कैद हो जाते रहे है। वह बीहड़ में अपना आतंक व्याप्त करना चाह रही थी। दो प्रांतों की सीमा में बसे बीहड़ के गांवों में वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैलाने वाली डकैत साधना पटेल इधर गिरोह के ज्यादातर सदस्यों के पुलिस के हाथ लग जाने से वह कमजोर पड़ गई थी। जिससे उसका पुलिस से बचाव करना मजबूरी बन गई। एमपी पुलिस ने गैंग के आधा दर्जन इनामी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था। जिनमें रवि उर्फ रिंकू शिवहरे 10 हजार, दीपक शिवहरे 10 हजार, शिवमूरत कोल 15 हजार व पांच हजार-पांच हजार के इनामी धन्नू उर्फ धनपत खैरवार, दादू सिंह उर्फ पट्टीदार सिंह आदि शामिल है। इनके पास से गैंग के असलहे भी बरामद हुए थे। यूपी-एमपी से सटे पाठा के बीहड़ में अभी तक ददुआ, ठोकिया, बलखडिया, रागिया, चुन्नीलाल, चेलवा, बबुली कोल आदि खूंखार इनामी डकैत रहे है। लेकिन इन सभी के बीच साधना पटेल एक मात्र महिला डकैत के तौर पर उभरी। एमपी पुलिस ने साधना पटेल गिरोह को अंतर्राज्यीय गैंग के तौर पर सूचीबद्ध किया था। लेकिन पुलिस दबाव के चलते वह पिछले करीब एक वर्ष से बीहड़ को छोंड शहर की राह पकड़ ली। वह दिल्ली, हरियाणा के बार्डर में रही।