कार्यक्रम के कुछ मुद्दों पर कांग्रेसी नेताओं को ऐतराज

मुंबई : महाराष्ट्र में सरकार बनाना अभी दूर की कौड़ी है, क्योंकि यह निर्णय अब कांग्रेस हुक्मरान का दिल्ली दरबार तय करेगा। सोमवार के बाद सोनिया गांधी से शरद पवार मुलाकात करेंगे। दूसरी ओर, बीजेपी ने भी सरकार बनाने की फिर हुंकार भरी है। वहीं, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी किसानों की मदद के लिए 8,000 रुपये प्रति हेक्टेयर देने की घोषणा की है। इस मदद को कांग्रेस ने नाकाफी करार दिया है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने का पूरा दारोमदार अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर है। बताया जा रहा है कि शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए सोनिया गांधी अभी भी तैयार नहीं है। शरद पवार उन्हें मनाने के लिए दिल्ली में सोमवार या मंगलवार को मिल सकते हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस नेताओं द्वारा तैयार किए गए न्यूनतम साझा कार्यक्रम के कुछ बिंदुओं पर कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं को ऐतराज है। उनसे मिलने पर पवार उन बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। सोनिया गांधी और शरद पवार की बात सफल होने पर ही शिवसेना के नेता संजय राउत और अनिल देसाई उनसे मिलेंगे।

दादर स्थित मुंबई बीजेपी प्रदेश कार्यालय में तीन दिन चली माथापच्ची के बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, महाराष्ट्र में सरकार तो बीजेपी ही बनाएगी, मगर कैसे बनेगी इस पर वह मुस्कराकर टाल देते हैं। इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने भी यही दावा किया था। पहले सूखे और फिर बेमौसम बारिश के कारण राज्य के किसानों का बुरा हाल है। किसानों को मदद देने के लिए एनसीपी नेता शरद पवार और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पहले से ही राज्य में दौरे कर रहे हैं। किसानों को मदद देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी राज्यपाल से मिले थे। शनिवार को राज्यपाल कोश्यारी ने खरीफ फसल के 8,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसल व फल बगीचों के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर देने की घोषणा की है। यह मदद दो हेक्टेयर तक के किसानों को दी जाएगी। बारि‌श से प्रभावित इलाकों में किसानों के बच्चों का परीक्षा शुल्क माफ किया जाएगा। शासन की ओर से घो‌षित मदद को तत्काल किसानों तक पहुंचाने का आदेश दिया गया है। महाराष्ट्र में सीएम पद को मुद्दा बनाकर भाजपा से अलग हुई शिवसेना अब संसद में एनडीए के साथ नहीं, विपक्ष में बैठेगी। सोमवार से शुरू हो रहे विंटर सेशन से पहले जो सीट अरेंजमेंट किया गया है, उसमें उन्हें विपक्षी खेमे में जगह दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में शिवसेना के सांसद संजय राउत और अनिल देसाई ट्रेजरी बेंचों के पीछे नहीं ,बल्कि विपक्षी सांसदों के साथ बैठेंगे। शिवसेना के लोकसभा में 18 और राज्यसभा में 3 सांसद हैं। मोदी सरकार में शिवसेना के मंत्री अरविंद सावंत पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। शनिवार को शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा कि संसद सत्र से पहले संडे को होने वाली एनडीए की बैठक में पार्टी शामिल नहीं होगी।