होटेल मालिक बना अंडरवर्ल्ड का खबरी

मुंबई : एक व्यापारी के महाराष्ट्र में तीन होटेल थे। मंदी की वजह से जब वे बंद हो गए, तो उसने अंडरवर्ल्ड से रिश्ता जोड़ लिया। रवींद्र पुजारी नाम के इस होटेल मालिक को हफ्ता निरोधक प्रकोष्ठ की टीम ने शनिवार को गिरफ्तार किया। सीनियर इंस्पेक्टर अजय सावंत ने बताया कि किला कोर्ट ने आरोपी को 20 नवंबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया है। रवींद्र पुजारी की गिरफ्तारी मुंबई के एक होटेल मालिक की शिकायत पर हुई। इस होटेल मालिक के बिजनेस में दो और पार्टनर भी हैं। पिछले कई दिनों से मालिक और दोनों पार्टनरों को उनके पर्सनल नंबरों पर दस लाख रुपये की उगाही के कॉल्स आ रहे थे। पहले तो इन लोगों ने इन कॉल्स को करने वाले को कोई खास महत्व नहीं दिया।

पहले कहा कि धंधा मंदा है, इसलिए हफ्ता देने के लिए पैसा ही नहीं है लेकिन जब सामने वाले ने गालियां देनी शुरू कर दीं, तब मामला मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ संतोष रस्तोगी और डीसीपी शहाजी उमाप तक पहुंचा। एसीपी नेताजी भोपले और इंस्पेक्टर सचिन कदम की टीम ने जब जांच शुरू की, तो पता चला कि धमकी के लिए नेट कॉलिंग की जा रही है। धमकी देने वाले ने खुद का नाम नहीं बताया, लेकिन शिकायतकर्ता ने उसके कॉल्स टेप कर लिए थे। उस आवाज को सुनकर जांच टीम समझ गई कि धमकी देने वाला डॉन सुरेश पुजारी है। इसके बाद उसके लोगों के बारे में जानकारी निकाली गई, लेकिन कोई सुराग मिला नहीं।  इसी दौरान जांच टीम को होटेल मालिक और उसके दोनों पार्टनरों से पता चला कि वे लोग आम पब्लिक के लिए अलग मोबाइल नंबर और परिवार और कुछ खास परिचितों के लिए अलग मोबाइल नंबर रखते हैं। धमकी भरे कॉल्स इन अलग नंबरों पर ही आ रहे हैं। जांच अधिकारियों ने फिर उन लोगों की लिस्ट निकाली निकाली, जिनके पास होटेल मालिकों के ये अलग नंबर थे। इसी लिस्ट में से रवींद्र पुजारी सबसे ज्यादा शक के घेरे में आया। सख्त पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया।

जांच में पता चला कि उसके नवी मुंबई, ठाणे, मुंबई में तीन होटेल थे। बिजनेस में घाटा हो गया, तो ये होटेल बंद हो गए। रुपयों की तंगी आ गई। यह जानकारी कहीं से विदेश में बैठे सुरेश पुजारी को पता चल गई। उसने रवींद्र पुजारी को फोन किया और कहा, 'हमने सुना है कि तुम्हारा अपने समाज में सोशल नेटवर्क बहुत बड़ा है। तुम इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबर हमें भेज दो, बदले में मैं तुम्हें आर्थिक संकट से दूर कर दूंगा।' रवींद्र पुजारी इसके लिए तैयार हो गया। पिछले एक पखवाड़े में उसने करीब डेढ़ दर्जन व्यापारियों के नंबर सुरेश पुजारी को भेजे थे। सुरेश जिन्हें धमकी देता था। यदि वे लोग कहते हैं कि उनकी आर्थिक हालत उगाही की रकम देने की नहीं है, तो सुरेश पुजारी फोन कर रवींद्र पुजारी से इसे वेरिफाई करने को कहता था। सीनियर इंस्पेक्टर अजय सावंत के अनुसार, रवींद्र पुजारी का एक नाम रवि पुजारी कामोठे भी है। वह नवी मुंबई के कामोठे का मूल निवासी है, इसलिए एक और डॉन रवि पुजारी के नाम पर उसे यह उपनाम दिया गया था। वैसे, खुद सुरेश पुजारी अपने एक साथी प्रसाद पुजारी के साथ कभी रवि पुजारी के लिए काम करता था लेकिन पैसे के विवाद में दोनों डॉन रवि पजारी से अलग हो गए। रवि पुजारी इन दिनों सेनेगल की जेल में बंद है। उसे भारत लाने की कोशिशें चल रही हैं, जबकि सुरेश पुजारी विदेश में कहां छिपा है, उसके बारे में मुंबई पुलिस और सीबीआई जानकारी निकाल रही है।