क्या बार मालिक दे रहे है बार वालो की सुपारी?

मुंबई : हम जब छोटे थे तो हमे अक्सर एक कहावत सुनाई जाती थी की बड़ी मझली हमेशा छोटी मझली को घा जाती है. पानी में रहकर मगर मच से बैर नहीं किया जाता ऐसी बहुत  सी कहावत आपने सुनी होगी इस खबर से आप को समझ आ जाएगा की हम इस कहावत का यहाँ जिक्र कियो कररहे है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनूसार मुंबई बांद्रा से लेकर दहिसर तक अनगिनत छोटे बड़े लेडिस बार है, जो की मुंबई नाईट लाइफ के लिए मशहूर है.
जब से मुंबई पुलिस ने इन बारो पर कड़ाई बरती है तब से ही इन बार मालिकों का आपस में  मतभेद टीॅञ् हो गया है. सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर है की बड़े बार मालिक छूटे बारो की शिकायत करवाकर उन्हें बंद कराने पे तुले है ताकि छोटा बार बंद होजाए और बड़ा बार मालिक धड़ल्ले से काम कर सके. इन बड़े बार मालिकों के संपर्क में कुछ फर्जी पत्रकार है तो कुछ के संपर्क में कुछ आवेद संस्थाए है, जो की बड़े बार मालिकों के संपर्क में है. इतना ही नहीं अगर कोई पुलिस अधिकारी को इन की चाल बाजी का पता चलता है और वो इन्हे इग्नोर करता है तो उस के नाम की झूटी शिकायत कर उस पे दबाव बनाया जाता है और उससे निलंबित कराने की धमकी भी दी जाती है ताकि पुलिस अधिकारी जबरन उस बार को बंद कराए.
मगर छोटे बड़े लेडिस बार के इस छगड़े में मुंबई पुलिस को निशाना बनाया जा रहा है कहि वरिष्ठ पुलिस को निलंबित किया जा रहा है कहि पुलिस निरक्षक को निलंबित किया जा रहा है कियो. मुंबई पुलिस जो हमेशा से अपने सफल कार्र्यो के लिए मशहूर है उन्हे इन बार मालिकों की दुश्मनी के रूप में अपनी नौकरी गवाना पड़ रहा है यह कहा का इन्साफ है  आज पुलिस अधिकारिओ की हालत बहुत गंभीर है वो अपने क्षेत्र में ]‘ीष्ठी५ी३५ी ख॰ीखीेछीी देखेंगे या ये बार, एक पुलिस कर्मी ने अपना नाम ना बताते हुवे हमसे कहा की हम मर्डर के आरोपी को पकडे चोरी के आरोपी पकडे. महिलाओ की हिफाजत करे या इन बारो में पहरा दे जरूरी ‘ीश्वया है? हम खुद नहीं समझ पाते ऐसे में मुंबई पुलिस के आला अधिकारियों को इस बारे में सोचना होगा की हम सही निर्णय कैसे ले?