महाराष्ट्र को राष्ट्रपति शासन की ओर धकेल रहे हैं मोदी-शाह: एनसीपी

मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से जारी राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। अलग-अलग गठबंधन समीकरणों के अलावा राष्ट्रपति शासन के विकल्प की अटकलें रह-रहकर लगाई जाने लगती हैं। इसे लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सीनियर नेता नवाब मलिक ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी राष्ट्रपति शासन लागू कर दिल्ली से महाराष्ट्र की स त्ता चलाना चाहती है। मलिक ने शुक्रवार को ट्वीट कर आरोप लगाया है- 'महाराष्ट्र को बीजेपी राष्ट्रपति शासन की ओर ढकेल, मोदी और शाह जी की जोड़ी के जरिये दिल्ली से महाराष्ट्र की सत्ता की बागडोर चलाना चाहती है। यह महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नहीं करेगी।' मलिक ने आगे कहा- 'दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नहीं झुकता, यह इतिहास है।

बता दें कि राज्य में अब पिछली विधानसभा के कार्यकाल खत्म होने की उलटी गिनती चालू है, जो 9 नवंबर (शनिवार) को खत्म हो जाएगी। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के लिए गठबंधन बनाने की कोशिशों के लिए सिर्फ एक दिन ही बाकी रह जाता है। यूं तो शिवसेना और बीजेपी के बीच चुनाव से पहले ही गठबंधन हो चुका था लेकिन सेना ने चुनाव के बाद भी बीजेपी को लेकर तल्ख तेवर नरम नहीं किए हैं, जिससे दोनों के रिश्ते डगमगाते दिख रहे हैं। राज्य में किसी दल को बहुमत नहीं मिला है, लेकिन सबसे बड़ा दल होने के नाते बीजेपी को सरकार गठन के लिए राज्यपाल को पत्र देना चाहिए, या राज्यपाल को ऐसी स्थिति में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। अगर 9 नवंबर तक कोई दल सरकार नहीं बना पाता तो ऐसी स्थिति में राज्यपाल विधानसभा को 'सस्पेंडेड अनिमेशन' में रख सकते हैं। विधानसभा कब तक निलंबित रहेगी यह राज्यपाल के विवेक पर निर्भर है। दूसरे यदि सभी दलों ने सरकार गठन से इनकार कर दिया हो, तब राज्यपाल राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेज कर राज्य में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करते हैं।