परिवार को इंतजार, विजय सिंह के कातिल कब होंगे गिरफ्तार

मुंबई : वडाला ट्रक टर्मिनस पुलिस थाने में 28 वर्षीय विजय सिंह की पुलिस हिरासत में कथित मौत मामले में प्रशासनिक लीपा-पोती और लापरवाही से नाराज विजय के परिजन ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। विजय के पिता हृदय नारायण सिंह ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है और पुलिसकर्मियों ने उसकी हत्या कर दी है। उन्होंने मांग की है कि विजय की हत्या के पीछे जिन-जिन पुलिसकर्मियों या बदमाशों का हाथ है, उन सबके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो। सबको जेल भेजा जाए और सिर्फ निलंबन कर खानापूर्ति न हो। इस मामले में आरोपी प्रेमी जोड़े और उसका साथ देने वाले उसके दोस्तों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर गिरफ्तार की जाए। सिंह ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपी लड़की और उसका दोस्त दशरथ को पुलिस जान-बूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है।

गौरतलब है कि प्रशासन के हस्तक्षेप एवं कानून-व्यवस्था खराब होने का हवाला देकर पुलिसकर्मियों ने सिंह के परिजन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करने का दबाव बनाया। उन्हें वडाला में प्रेस कॉन्फेंस नहीं करने दी, जिसके बाद अंधेरी के एमआईडीसी में एक अज्ञात जगह पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान सिंह के साथ वकील विनय नायर और विजय के पिता और रिश्तेदार निर्मल सिंह मीडिया से मुखातिब हुए।

हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने विजय सिंह के परिजन के आरोप खारिज कर दिए। गौरतलब है कि इस मामले की जांच महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग कर रहा है। आयोग के वरिष्ठ अधिकारी अब्दुल रहमान के नेतृत्व में यह जांच की जा रही है। पेशे से मेडिकल रिप्रिजेंटटिव (एमआर) 28 वर्षीय विजय सिंह की दिवाली की रात मुंबई के वडाला टीटी पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। वह दिवाली की रात खाना खाने के बाद अपने एक दोस्त अंकित मिश्र के साथ बाइक पर घर से निकला और कुछ दूर जाकर अपनी मंगेतर से फोन पर बात करने लगा। इसी दौरान उसकी बाइक की हेडलाइट वहां मौजूद एक प्रेमी युगल के चेहरे पर पड़ी। यही बात झगड़े की वजह बन गई।

उस लड़की ने विजय सिंह और उसके दोस्त पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस विजय और उसके दोस्त को वडाला टीटी पुलिस स्टेशन ले गई। दोस्त अंकित मिश्रा ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और सिपाहियों ने विजय की जमकर पिटाई की और पानी मांगने पर उसको पानी तक नहीं दिया। मिश्रा ने आरोप लगाया कि विजय जब दर्द के कारण बोलने की स्थिति में भी नहीं रहा तो ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने थाने के बाहर विजय का इंतजार कर रहे परिजन से कैब बुलाकर बेसुध विजय को अस्पताल ले जाने को कहा।