प्याज ने फिर किया पंगा, बरसात से घटी आवक

नई मुंबई : प्याज की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्यात पर रोक लगाए जाने के बावजूद प्याज की कीमतों ने फिर रसोई के बजट में पंगा कर दिया है। आवक कम होने से इस सप्ताह थोक एवं फुटकर बाजार में प्याज की कीमतों में प्रति किलो लगभग १० रुपए की वृद्धि हुई है।
इन दिनों प्याज के भाव बढ़ने से आम जन प्रभावित हो रहे हैं। हाल में बढ़े प्याज की कीमतों के चलते आम जनता पर महंगाई की मार पड़ी है। वाशी स्थित एपीएमसी थोकमंडी में पुराना प्याज ४२ से ४५ रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है जबकि यही प्याज फुटकर बाजार में ५५ से ६० रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है। बाजार में नए प्याज का भी आगमन हो चुका है, जिसकी कीमत ३० से ३२ रुपए किलो है जो फुटकर बाजार में ४० से ४५ रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। प्याज की बढ़ती कीमतों के चलते लोगों के रसोई का खर्च गड़बड़ा गया है। लोगों का कहना है कि प्याज के दामों पर रोक लगाने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। वाशी के व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही बरसात के कारण फसल नष्ट हो गई है, जिससे प्याज का भाव बढ़ा है। कुछ दिन पहले तक एपीएमसी मार्वेष्ठट में प्याज की १०० से अधिक गाड़ियां आ रही थीं जो कम होकर अब सिर्फ ६० गाड़ियों तक पहुंच गई हैं।