मतदान का बहिष्कार, बिना विकल्प के घर से किया बाहर, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर

वसई-विरार : पालघर जिले के विरार में अपने आशियाने को तरस रहे नित्यानंद नगर के २३ इमारत के निवासियों ने मतदान का बहिष्कार करने का एलान किया है। पिछले ४० घंटे से सिर्फ वड़ा-पाव और खाली पड़ी जमीन पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। शासन-प्रशासन ने इन्हें रात गुजारने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। निवासियों ने न्याय नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाया है।
विरार-पूर्व के कोपरी इलाके के नित्यानंद नगर में मंगलवार रात अचनाक से इमारत का स्लैब्स गिर गया था। इस घटना में भूमि पाटील नामक ४ वर्षीय बच्ची की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद से वसई-विरार मनपा प्रशासन ने आनन-फानन में इमारत खाली करा दिया। नित्यानंद धाम नामक इमारत में ५० कमरे हैं। इन कमरों में तकरीबन १५० से २०० परिवार रहते थे। निवासियों ने आरोप लगाया है कि घर खाली करने से पहले मनपा प्रशासन और स्थानीय नगरसेवक व सभापति यगनेश्वर पाटील ने दूसरी जगह घर देने का वादा किया था परंतु पिछले ४० घंटे में उन्हें घर नहीं दिया गया।
निवासियों ने बताया कि प्रशासन उनके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। दीपावली की छुट्टी से पहले बच्चों की परीक्षा शुरू होनी है। इमारत गिरने की घटना के बाद से बच्चों के बैग घर के अंदर हैं। वहां जाने पर मनपा प्रशासन कार्रवाई करने की धमकी देकर साइन बोर्ड लगाया है। इस हाल में बच्चे सड़क पर सोकर रात और दिन गुजार रहे हैं।