कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों के सामने शिव सेना बनी अड़चन

मुंबई :  खबर है कि कांग्रेस के बहुत सारे एमएलए बीजेपी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन जमीनी हालात कुछ ऐसे हैं कि लग रहा है कि कांग्रेस से बीजेपी में आने की यह कवायद बहुत आसान नहीं होगी।समस्‍या यह है कि राधाकृष्‍ण विखे पाटील समेत कई एमएलए जो बीजेपी में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, वे उन सीटों से मौजूदा एमएलए हैं जो सीटें पारंपरिक तौर पर शिव सेना के पास रही हैं। शिव सेना और बीजेपी गठबंधन के लिए थोड़ा मुश्किल सफर होगा क्‍योंकि शिव सेना बीजेपी के 'आयातित' एमएलए के लिए आसानी से अपनी सीटें छोड़ने वाली नहीं है।

विखे पाटील जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं

राधाकृष्‍ण विखे पाटील इसी हफ्ते बीजेपी में शामिल होने वाले हैं, संभव है उन्‍हें कैबिनेट में भी जगह मिल जाए। वह शिरडी विधानसभा क्षेत्र से पांच बार लगातार एमएलए रहे हैं। लेकिन यह सीट पारंपरिक रूप से सेना के पास रही है। यहां तक कि विखे पाटील ने खुद भी 1995 में सेना के टिकट पर शिरडी से चुनाव लड़ा था, इसके बाद वह कांग्रेस में चले गए थे।

इसी तरह, वडाला से कांग्रेस एमएलए कालिदास कोलांबकर बीजेपी में एंट्री के लिए मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडनवीस से संपर्क में हैं। लेकिन वडाला सीट भी शिवसेना के पास ही है, इसीलिए उनके बीजेपी में शामिल होने में देरी हो रही है। सूत्रों का कहना है कि शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोलांबर शिव सेना के टिकट पर यहां से लड़ सकते हैं। अभी फडनवीस को इस पर फैसला लेना बाकी है।

यही स्थिति चिखली से राहुल बोंद्रे और मान विधानसभा क्षेत्र से जयकुमार गोरे की है। सिल्‍लोड विधानसभ क्षेत्र से कांग्रेस एमएलए अब्‍दुल सत्‍तार को यह समस्‍या नहीं है लेकिन यहां स्‍थानीय बीजेपी कार्यकर्ता उनके खिलाफ हैं।

मुख्‍यमंत्री फडनवीस के करीबी बीजेपी नेता का कहना है कि विखे पाटील के शिव सेना जॉइन करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता क्‍योंकि समझौते के अनुसार शिरडी सेना की सीट है। इसके अलावा बीजेपी ने सेना को आश्‍वासन दिया है कि उसे राज्‍य मंत्रीमंडल में अहम जगह मिलेगी। यह कृषि मंत्रालय हो सकता है। यहां यह भी ध्‍यान देने योग्‍य है कि 1990 के दशक में सेना-बीजेपी सरकार में विखे पाटील शिव सेना की ओर से कृषि मंत्री रह चुके हैं।