मेट्रो भवन के खिलाफ एकजुट हुए पर्यावरणप्रेमी

मुंबई :  दुग्ध विभाग की तरफ से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डिवेलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) को आरे में मेट्रो भवन निर्माण के लिए अनुमति मिलने के बाद पर्यावरणप्रेमी एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं। पर्यावरणप्रेमियों के अनुसार, एमएमआरडीए की तरफ से आरे में प्रस्तावित 32 मंजिला इमारत की शुरुआत के लिए हाल ही में वहां की मिट्टी का टेस्ट किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पर्यावरणप्रेमियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर अनुमति को तत्काल कैंसल करने की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरे कॉलोनी के तहत 2 हेक्टेयर में मेट्रो भवन बनाया जाना है। चूंकि आरे कॉलोनी दुग्ध विभाग के तहत आती है, ऐसे में पर्यावरणप्रेमी जोरू बाथेना ने आरे मिल्क कॉलोनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाथू राठौड़ को पत्र लिखकर भवन निर्माण की अनुमति को निरस्त कराने की मांग की है। जोरू ने बताया कि जिस जगह पर मेट्रो भवन का निर्माण होना है, वह 'ईको सेंसिटिव जोन' में है, जहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। एक बार आरे कॉलोनी में इस तरह का कंस्ट्रक्शन शुरू होने के बाद वहां और भी दूसरे कंस्ट्रक्शन होने लगेंगे। सूत्रों की मानें तो भवन निर्माण के लिए फिर से 70 से अधिक पेड़ काटे जा सकते हैं।

आरे के पेड़ों को बचाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर करने वाले स्टेलिन डी ने कहा कि प्रशासन मनमाने तरीके से आरे में कंस्ट्रक्शन का कार्य शुरू कर रहा है। हम इसके खिलाफ पूरी लड़ाई लड़ेंगे। बता दें कि आरे कॉलोनी में बनाए जा रहे मेट्रो कारशेड का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है, जबकि मेट्रो भवन को लेकर एक बार फिर से आरे विवादों में आ गया है।