सड़कों पर डामरीकरण कर गड्ढे भरने का कार्य शु

विरार  : वसई-विरार शहर मनपा क्षेत्र में बीते दिनों भारी बारिश और उसके बाद उत्पन्न जनसमस्याओं की वजह से मीडिया और सोशल मीडिया में मनपा की खूब किरकिरी हो रही है। हैरान और परेशान नागरिक इन समस्याओं को लेकर आज भी मनपा को कोस रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव 21 अक्तूबर को होने हैं।
सड़कों के गड्ढों को लेकर विरोधी पक्ष ने सत्तापक्ष बीवीए पर राजनीति करनी शुरू कर दी है। वहीं मनपा ने सड़कों पर डामरीकरण कर गड्ढे भरने का कार्य शुरू किया है। मनपा के इस कार्य को विरोधी पक्ष और समस्याओं से परेशान नागरिक व बारिश में परेशान हुई जनता के जख्मों पर मरहम लगाने के रूप में देख रही है।

मिली जानकारी के अनुसार दिनों वसई-विरार में हुई मूसलाधार बारिश ने वसईकरों का हाल बेहाल कर दिया था। उससे लोग अभी भी उभर नहीं पाए थे कि सड़कों पर हुए अनगिनित गड्ढों से गुजरना लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। मनपा ने दूसरी बार सड़कों पर डांबरीकरण का काम शुरू किया है। बता दें कि गणेशोत्सव दौरान मनपा ने सड़क में गड्ढों की भरनी पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए थे। बारिश के बाद जल भराव व गड्ढों को लेकर विपक्ष ने पूरा दोष मनपा आयुक्त व सत्तापक्ष पर मढ़ दिया है।

वसईकरों का दुर्भाग्य है कि आपात स्थिति में कोई भी नेता या पार्टी सामने नहीं आई, पर अब बाढ़ से प्रभावित हुए वसई-विरार के हालात पर राजनीतिक पार्टियों ने विधानसभा चुनाव में अपनी अपनी रोटियां सेकनी शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर एक विडियो वारयल हुआ है। इसमें वसई-विरार की समस्याओं को दर्शाया गया है। सड़क के गड्ढे, खुले गटर के ढक्कन व सड़कों किनारे फैली गंदगी। जिसमें सत्तापक्ष को इसका जिम्मेदार माना जा रहा है।