वर्सोवा विधानसभा से जीत पक्की है -डॉ. भारती लवेकर

मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा की २८८ सीटों पर २१ अक्टूबर को मतदान होगा। सभी सीटों पर वोटिंग के बाद २४ अक्टूबर को मतगणना होगी और इसी के साथ सबके सामने महाराष्ट्र में सत्ता की नई तस्वीर सामने आएगी जिसमें पता चलेगा कि इस बार मतदाताओं ने किस पार्टी को राज्य में सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा। २१ अक्टूबर को ही वर्सोवा विधानसभा सीट पर भी जनता अपने विधायक के चुनाव के लिए वोटिंग करेगी। आइए इस सीट के बारे में विस्तार से जानते हैं। इस सीट पर साल २०१४ के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की डॉ. भारती लवेकर ने कांग्रेस विधायक बल्देव खोसा को हराया। इस सीट पर तीसरे नंबर पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) रही थी। जबकि चौथे नंबर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) थी। वहीं इस बार भाजपा-शिवसेना-आरपीआय महायुति की उम्मीदवार डॉ. भारती लवेकर अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि मैं अपने काम के बल पर जीत हासिल करूंगी और विरोधकों के लिए जमानत बचाना भी मुश्किल होगा।
वर्सोवा विधानसभा सीट साल २००९ में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। ये विधानसभा सीट मुंबई नॉर्थ वेस्ट लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। स्थानीय लोग इसे वेसावे भी कहते हैं। ये इलका मुंबई के अंधेरी क्षेत्र में आता है। साल २०१४ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के डॉ भारती हेमंत ने कांग्रेस विधायक बलदेव खोसा को २६,३९८ वोटों से हराया था। बीजेपी के भारती हेमंत को इस चुनाव में ४९,१८२ वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार बल्देव खोसा को २२,७८४ वोट मिले थे। असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के उम्मीदवार को इस चुनाव में २०,१२७ वोट मिले। अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी को ४१.९४ फीसदी वोट और कांग्रेस को १९.४३ फीसदी वोट मिले। लेकिन इस बार यहां मुकाबला दिलचस्प हो सकता है क्योंकि बीजेपी-शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं। वर्सोवा पोलिंग बूथ की बात करे तो कांग्रेस यहां से ६ बार जीती है और बीजेपी को मात्र एक बार जीत मिली है।
साल २००९ के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बलदेव खोसा को इस सीट पर जीत नसीब हुए थे। इस चुनाव में उन्हें ४४८१४ वोट मिले थे। उन्होंने शिवसेना के उम्मीदवार यशोधर फानसे को १२,०३० वोटों से हराया था। यशोधर फणसे को इस चुनाव में ३२,७८४ वोट मिले थे। दोनों उम्मीदवारों के बीच हार-जीत में १२,०३० वोटों का अंतर था। इस चुनाव में कुल १,००,६२५ लोगों ने मतदान किया था। समाजवादी पार्टी इस चुनाव में तीसरे और मनसे चौथे नंबर पर रही थी। वर्सोवा अपने समुद्र तट और किले के लिए जाना जाता है। ये १७३९ तक पुर्तगाल का हिस्सा था। वर्सोवा को मुंबई का सबसे साफ समुद्र तट कहा जाता है।
साल २०१४ में महाराष्ट्र विधानसभा की २८८ सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने १२२, शिवसेना ने ६३, कांग्रेस ने ४२ और एनसीपी ने ४१ सीटों पर जीत हासिल की थी। बाकी सीटों पर छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। २०१४ में भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन नहीं किया था और न ही कांग्रेस और एनसीपी साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी। भाजपा ने शिवसेना के साथ मिलकर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार बनाई। ९ नवंबर को इस सरकार के कार्यकाल का अंत हो जाएगा। इस बार बीजेपी-शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी ने साथ चुनाव मिलकर लड़ने का निर्णय किया है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस बार क्या कांग्रेस-एनसीपी, बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को मात दे पाएगी या फिर सूबे में एक बार बीजेपी-शिवसेना की सरकार बनेगी।