बच्चे के यौन उत्पीड़न और हत्या में मिली उम्रकै

मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले से सभी को चौंका दिया। कोर्ट ने एक 10 साल के बच्चे का यौन उत्पीड़न करने और हत्या के दोषी शख्स को उम्रकैद की सजा पाने के सात साल बाद बरी कर दिया। वैभव मोरे पर आरोप था कि अक्टूबर 2010 को वह बगल में रहने वाले एक 10 वर्षीय बच्चे को अपने साथ ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक दुराचार करने के बाद उसकी हत्या कर दी। अपने फैसले में हाई कोर्ट के जज बीपी धर्माधिकारी और स्वपन जोशी ने न सिर्फ वैभव को बरी किया, बल्कि जिस तरह इस मामले में अभियोजन पक्ष ने काम किया उसको लेकर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा, 'इस मामले में अभियोजन का पक्ष ठोस और तर्कसंगत नहीं लगता। पूरा घटनाक्रम भी संदिग्ध है और इसे भी अभियोजन मजबूती से साबित नहीं कर सका है। अभियोजन ने अपनी दलील में कहा था कि मोरे ही 29 अक्टूबर 2010 को बच्चे के साथ आखिरी बार दिखा था और उसके बाद बच्चा कभी लौटकर नहीं आया। अभियोजन ने यह भी कहा कि मोरे ने कोर्ट से इतर बच्चे को अपने साथ ले जाने की बात कबूल की थी। हालांकि इसे तर्कसंगत नहीं माना जा सकता है, क्योंकि मोरे ने यह कबूलनामा आधिकारिक रूप से नहीं किया था।

हाई कोर्ट बेंच ने हालांकि मोरे के बच्चे के साथ देखे जाने पर कोई टिप्पणी नहीं की। कोर्ट ने कहा कि केस के गवाह और बच्चे के पिता ने जिस तरह इस मामले को लिया, वह संदेहास्पद है। केस के गवाह के मुताबिक, उसने बच्चे के पिता को बार-बार कहा कि उसने मोरे को बच्चे के साथ आखिरी बार देखा था। कोर्ट ने कहा कि इसके बाद भी बच्चे के पिता ने शिकायत दर्ज कराने के लिए एक दिन से ज्यादा का समय लिया और शिकायत दर्ज कराने के 10 घंटे बाद मोरे पर संदेह जताया।

अभियोजन ने मोरे के कपड़ों पर लगी मिट्टी और कंजूरमार्ग स्थित तालाब से मोरे की निशानदेही पर बरामद बच्चे की लाश और चप्पल को अहम सबूत बताया। हाई कोर्ट के मुताबिक, गवाह का कहना है कि मृतक बच्चे की बॉडी को दूसरे पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी मोरे के निशानदेही के लिए पहुंचने से पहले ही ले गए थे। कोर्ट ने कहा, 'पुलिस थाने में आरोपी के मिट्टी में सने कपड़े सीज किए गए। इन मिट्टी के दाग लगे कपड़ों को यह बताकर कोर्ट में पेश किया गया कि ये दाग तब लगे जब आरोपी लाश को छुपाने तालाब में उतरा था। अभियोजन पक्ष यह भूल गया कि वह खुद आरोपी को रात 8:30 बजे से पहले तालाब के पास लेकर गया था और आरोपी ने तालाब के अंदर जाकर लाश ढूंढी और चप्पल निकालकर लाया।