शरद पवार पर जमकर बरसे : शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्घव ठाकरे

मुंबई : शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्घव ठाकरे ने शिवसेना की दशहरा रैली में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। मंगलवार को दादर स्थित शिवतीर्थ पर शिवसेना  की सालाना दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने शरद पवार को निशाने पर लिया। उद्घव ठाकरे ने कहा शिवसेना प्रमुख की गिरफ्तारी हुई और लोगों को परेशानी हुई। 1992-   93 में बाबरी मस्जिद कहां गिराई गई, लेकिन शिवसेना प्रमुख को यहां गिरफ्तार किया गया। उस वक्त सत्ता शरद पवार के हाथ में थी। इसके बावजूद बाला साहेब पर केस दाखिल  हुआ। शरद पवार ईडी से घबरा गए, ऐसी चर्चा हुई। 15 दिन जनता को छला गया। शिवसेना प्रमुख आज गिरफ्तार होंगे, कल गिरफ्तार होंगे, ऐसी अफवाह स्कूल-कॉलेजों में फैलाई   गई। जिस वक्त अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिरी, दंगे मुंबई में हुए, बम विस्फोट हुए। उस वक्त शिवसेना ने हिंदुओं को बचाया। सरकार ने पुराने और मनगढ़ंत मामले में शिवसेना प्रमुख पर केस दाखिल किया। उद्घव ने कहा कि शिवसेना प्रमुख खुद कोर्ट में हाजिर हुए और कोर्ट ने कहा कि केस नहीं हो  सकता। शरद पवार उस समय चुप क्यों थे?

शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करने के लिए कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए राम  मंदिर का मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इसका आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर पर नहीं बोलने की  सलाह दी थी क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन यह मामला पिछले 35 साल से लंबित है। अदालतें उस दिन बंद रहती हैं जिस दिन राम ने रावण का वध  किया और उस दिन भी जब राम अयोध्या लौटे थे, लेकिन वहां मुद्दा यह है कि क्या राम ने अयोध्या में जन्म लिया था? उन्होंने कहा, '' कहा जा रहा है कि इस महीने अदालत  फैसला दे देगी, अगर ऐसा नहीं होता तो हम अपनी मांग पर अडिग हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए विशेष कानून बनाया जाए।''

उद्धव ने कहा, शिवसेना राम मंदिर की मांग राजनीति के लिए नहीं कर रही है। हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं और जब हमें धनुष और बाण चुनाव चिह्न मिला था तब राम मंदिर का  मामला भी नहीं था।'' भाजपा से गठबंधन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू- कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी किया गया जो शिवसेना की कई  सालों से मांग थी। उन्होंने अपने 35 मिनट के भाषण में कहा,

अगर भाजपा के साथ नहीं जाते तो क्या मुझे कांग्रेस के पास जाना चाहिए था जिसने अनुच्छेद- 370 को निष्प्रभावी करने और देशद्रोह के कानूनों का विरोध किया?'' शिवसेना प्रमुख  ने कहा, ''अब, अगला एजेंडा समान नागरिक संहिता होनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''भाजपा के साथ गठबंधन राज्य के हित में किया गया है। हमें कुछ समझौता करना था। मैं उन  शिवसैनिकों से माफी मांगता हूं जिनकी सीट गठबंधन के सहयोगियों को गईं।'' उद्धव ने कहा कि मेरी सभी शिवसैनिकों से अपील है कि चुनाव में युति का काम ईमानदारी से करें।

उद्धव ठाकरे ने आर्टिकल 370 को समाप्त करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह की प्रशंसा की। उद्धव ने अमित शाह को एक ऐसा व्यक्ति करार दिया, जो  अपने वादों को पूरा करते हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अमितभाई जो कहते हैं, उसे करते हैं। आर्टिकल 370 समाप्त होने से बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा हुआ है।