एक गांव ऐसा, जहां पिछले ७० वर्षों से शौचालय नहीं है

वसई-विरार  केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत जहां एक ओर स्वच्छता के संदेश दिए जा रहे हैं। खुले में शौच करने से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है और शौचालय निर्माण के लिए पैसे भी दिए जा रहे हैं। वहीं विरार इलाके में एक गांव ऐसा भी है जहां पिछले ७० वर्षों से शौचालय ही नहीं है। इस इलाके में आज भी लोग खुले में शौच को जाते हैं। यहां महिलाओं को रोजाना शर्मसार होना पड़ता है।
विरा-पश्चिम के अनार्ला समुद्र के बीच एक टापू पर अनार्ला किला है। यहां की जनसंख्या ४,२३० है। यह गांव ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। पिछले ७० वर्षों से इस गांव में शौचालय की सुविधा नहीं है। गांव के लोगों ने बताया कि जब समुद्र की लहरें अपने उफान पर रहती हैं, तब समुद्र और झाड़ियों की गंदगी उनके घरों तक आती है। केंद्र और राज्य सरकार ने शौचालय निर्माण के लिए करोड़ों रुपए बांटे हैं फिर भी ये गांव आजादी के ७० साल बाद भी ह्णहर घर शौचालय, घर-घर शौचालयह्ण की योजना से वंचित है। गांव में शौचालय न होने के कारण महिलाओं और बुजुर्गांे को रात के समय समुद्र किनारे झाड़ियों में शौच को जाना पड़ता है। गत दिनों एक किशोरी मध्यरात्रि शौचालय के लिए गई थी। कुछ मनचलों ने रात का फायदा उठाकर किशोरी के साथ कुकर्म किया। जिसकी शिकायत अनार्ला पुलिस थाने में दर्ज है। गांव के सरपंच चंद्रकांत मेहेर ने बताया कि गांव की आय मात्र २ लाख रुपए सालाना है जिसमें गांव के कई महत्वपूर्ण काम किए जाते हैं। कभी-कभी१ कर्मचारियों के वेतन देने में भी ये निधि कम पड़ जाती है। ग्राम पंचायत ने पिछले कई वर्षों से शासन के पास शौचालय बनाने का प्रस्ताव भेजा लेकिन अभी तक गांववासियों को शौचालय नहीं मिला।