पीएमसी के संचालकों पर बैन

मुंबई : पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आॅपरेटिव बैंक के डूब जाने के बाद इससे सिख समुदाय काफी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसके चलते अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस काम के लिए जिम्मेदार पीएमसी के आठ संचालकों को सिख समुदाय ने अपने समाज से बाहर निकालने का पैष्ठसला लिया है। गत बुधवार को सायन में आयोजित सिख समुदाय की एक सभा में ५०० प्रतिभागियों द्वारा निर्णय लिया गया।
बैंक के इन संचालकों की विभिन्न समुदायों से सदस्यता हटा दी गई, जिसमें गुरुद्वारे, समुदाय के ट्रस्ट द्वारा संचालित २८ स्कूल, ४ कॉलेज, अस्पताल शामिल है। देशभर के गुरुद्वारों से भी यही कार्रवाई करने का आग्रह किया गया। इसके अलावा समुदाय द्वारा आयोजित सभाओं जैसे कि गुरुनानक देव के आनेवाले ५५०वें जन्मदिवस के आयोजन में भी इनके शामिल होने पर प्रतिबंधित लगा दिया गया। पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आॅपरेटिव बैंक के धराशायी१ होने के लिए जिम्मेदार इन आठों संचालकों के परिवारों को भी इन सभी सभाओं में शामिल होने से बैन कर दिया गया। इसमें चेयरमैन वरयम सिंह, वाइस चेयरमैन बलबीर सिंह कोच्छर, निदेशक सुरजीत सिंह नारंग, दलजीत सिंह बाल, सुरजीत सिंह अरोड़ा, रणजीत सिंह, गुरनाम सिंह होथी और जसविंदर सिंह बनवैत हैं। गुरु सिंह सभा के वित्तीय सचिव राम सिंह राठौड़ का कहना है कि इस संकट से १६ लाख से ज्यादा सिख प्रभावित हुए हैं। इन्होंने खुद के लोगों के साथ धोखाधड़ी की है इसलिए इन्हें माफ नहीं किया जाएगा। समुदाय की शिक्षण संस्थाओं को चलानेवाले सरदार मनजीत सिंह भट्टी का कहना है कि इन आठों के पास अब खुद को समुदाय का सदस्य कहने का कोई हक नहीं है। हमारे १२ करोड़ रुपए सेविंग एकाउंट में और ५.६८ करोड़ रुपए फिक्स्ड एकाउंट में अटके हैं। हमें लगभग १ करोड़ रुपए का भुगतान लोगों की सैलरी के रूप में करना है। ऐसे में हम किस प्रकार स्कूल और कॉलेज चलाएंगे।