पेड़ों की कटाई पर सियासी घमासान

मुंबई : मुंबई की आरे कॉलोनी में शुक्रवार रात से शुरू हुई पेड़ों की कटाई पर सियासी घमासान छिड़ गया है। एक ओर पर्यावरण प्रेमी यहां डटकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, दूसरी ओर नेताओं के पहुंचने का सिलसिला भी तेज हो रहा है। कोर्ट का फैसला आते ही पेड़ों की कटाई होने से न सिर्फ राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार से विपक्षी दल नाराज हैं, बल्कि गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने भी तीखा हमला बोला है। वहीं, आरे पहुंचने से पहले ही पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को हिरासत में ले लिया गया।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को पेड़ों की कटाई की खबर फैलते ही आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा- 'जिस तरह से मुंबई मेट्रो का काम चोरी-छिपे और तेजी से आरे के ईकोसिस्टम को काटकर किया जा रहा है वह शर्मनाक और घटिया है। कई पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय शिवसेना सदस्यों ने इसे रोकने की कोशिश की। जिस तरह से पुलिस तैनात करके पेड़ काटे जा रहे हैं, मुंबई मेट्रो हर उस बात को खराब कर रही है जो भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कही।'
हिरासत में शिवसेना नेता
ठाकरे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए केंद्रीय मंत्रालय के होने या प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में बोलने का कोई मतलब नहीं है अगर मुंबई मेट्रो आरे को तबाह कर रही है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि शिवसेना कॉर्पोरेटर शीतल म्हात्रे और पूर्व मेयर शुभा राउल आरे पहुंची थीं। बता दें कि दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है।
पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी भी आरे के लिए जा रही थीं लेकिन उससे पहले ही उन्हें इलाके से बाहर कर दिया गया। उन्होंने ट्वीट किया- 'मुझे पुलिस ने जबरन बाहर कर दिया और मेरी गाड़ी में बैठे पुलिसवाले मुझे यह नहीं बता रहे कि मुझे कहां ले जाया जा रहा है।' वहीं, पार्टी के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने एक ट्वीट कर फडणवीस सरकार पर कटाक्ष किया है।