गैंगस्टर कौशल का 'मुखबिर' हवलदार और एक पीएसओ गिरफ्तार

कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी हत्याकांड में एसआईटी (विशेष जांच दल) ने बड़ा खुलासा करते हुए हत्याकांड का षड्यंत्र रचने के आरोप में हवलदार और विकास चौधरी के पीएसओ (निजी सुरक्षा अधिकारी) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनमें से हवलदार को दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। आरोपी हवलदार गैंगस्टर कौशल को विकास की गुप्त सूचनाएं मुहैया करता था और रंगदारी की रकम में से हिस्सा लेने के लिए षड्यंत्र रचा था।
आरोपी हवलदार पहले एसटीएफ, गुरुग्राम में कार्यरत था। कुछ समय पूर्व फरीदाबाद में तबादला करवाकर लंबी छुट्टी पर चला गया था। यह भी जानकारी सामने आई है कि कौशल गिरोह के जरिए आरोपी रंजिश का बदला लेने के लिए अपने गांव के एक व्यक्ति की हत्या भी करवाना चाहता था। आरोपी हवलदार को बर्खास्त कर दिया गया है।
हवलदार का नाम ऐसे आया : पुलिस ने बुधवार रात को इस मामले की जांच के लिए गैंगस्टर कौशल, उसके गुर्गे सचिन खेड़ी और भोंडसी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिए गए फरीदपुर के नीरज से अलग-अलग पूछताछ की थी। पूछताछ में सचिन ने कौशल को विकास चौधरी और शहर के कारोबारियों के मोबाइल नंबर देने से इनकार कर दिया था।
उसने नीरज पर शक जताया था मगर नीरज ने भी इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने तीनों से कड़ाई से पूछताछ की तो सचिन खेड़ी के मुंह से हवलदार राजकुमार उर्फ राजू का नाम निकल गया। इस पर कौशल से कड़ाई से पूछताछ हुई तो वह भी पुलिस के सामने टूट गया। उसने पुलिस के समक्ष पूरा रहस्योद्घाटन कर दिया। इस पर एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने पुलिस आयुक्त केके राव और पलवल पुलिस के अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया को जानकारी दी। इस बारे में पुलिस मुख्यालय को भी अवगत करवाया गया। इसके बाद हवलदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बुधवार देररात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दुबई में कौशल के संपर्क में था हवलदार : विकास चौधरी की हत्या से पहले हवलदार दुबई में बैठे कौशल से फोन पर बातचीत करता था। कौशल की गिरफ्तारी से पहले हवलदार लंबी छुट्टी पर चला गया था। आरोपी ने दुबई में बैठे कौशल को शहर के कारोबारी मनोज अग्रवाल और अन्य के मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाए थे।
गांव में ही हत्या करानी थी